चंडीगढ़ में सेक्टर-38 स्थित गवर्नमेंट मॉडल हाईस्कूल के पूर्व विद्यार्थियों के एक समूह ने अनोखे ढंग से हिंदी दिवस मनाया। समूह के सदस्य स्कूल से साल 2000 में पासआउट हुए थे। नौकरी व गृहस्थी की वजह से कोई चंडीगढ़ में बस गया तो कोई दक्षिण अफ्रीका में।
इतनी दूरी के बावजूद इनकी दोस्ती पर कोई फर्क नहीं पड़ा। हिंदी दिवस को मनाने के लिए सभी दोस्तों ने हिंदी पर कुछ रचनाएं लिखी हैं। समूह के सदस्य अर्शप्रीत ने बताया कि हिंदी ने सभी को एक सूत्र में बांध रखा है। भले ही काफी दूर हों, लेकिन हम सबकी भाषा हिंदी ही है।
सभ्यता की अभिव्यक्ति में राष्ट्र का निर्माण है हिंदी
सहजता एकता के सूत्र में पिरोई पहचान है हिंदी
- अशप्रीत, चंडीगढ़
हिंदुस्तानी अनेक होकर भी एक हैं
भाषा हिंदी को नमन बारंबार अनेक हैं
- डॉ. ऋचा, चंडीगढ़
हिंदी अक्षरों में कहीं आधा क तो कहीं आधा प आता है
जुड़े हुए वाक्य में जाने क्या-क्या सिखला जाता है
- रजनी, लुधियाना
हिंद है जान मेरी, हिंद है शान मेरी
हिंद मेरे मन में, हिंद मेरे खून में
- अश्विनी चंडीगढ़
आओ हम आज मिलकर हिंदी दिवस मनाएं
देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी भाषा की शान बढ़ाएं
- शिखा, जीरकपुर
बहुत दूर हो चुके हैं हिंदी से, ये तब जेहन में आया,
जब मेरी संतान ने मुझे मातृ भाषा से रूबरू कराया
- तपन, चंडीगढ़
हिंदी हमारी मातृभाषा है, जगाई एक नई आशा है
इसे और गहराई से जानने की हमें जिज्ञासा है
- नीति, टोक्यो, जापान
हिंदी सुंदर लगती हमको, यह हम सबको प्यारी है
हों भारत में या दूर कहीं, हिंदी शान हमारी है
- सविता ,अमृतसर
हिंदी पर मुझे अभिमान है
हिंदी पुस्तकों में छिपा कितना ज्ञान है
- सीमा, दक्षिण अफ्रीका
भाषा नहीं है केवल शब्दों का खेल
एक राष्ट्र की भावनाओं का होता इसमें मेल
- प्रतीक्षा, गुरुग्राम
यह मिट्टी का पुतला एक दिन मिट्टी में मिल जाएगा
हिंदी हमारी भाषा है उसके लिए मैं कुर्बान हो जाऊंगा
- योगेश, चंडीगढ़