सरकारी स्कूलों की भाषा तो हिंदी बन गई लेकिन अंग्रेजी स्कूल हिंदी से दूर होते जा रहे हैं। निजी स्कूलों में भी हिंदी के प्रति प्रेम जागृत करना होगा। हर भाषा का अपना महत्व होता है लेकिन हिंदुस्तान में हिंदी का अलग ही महत्व है। बच्चों में हिंदी पढ़ने व लिखने की आदत अभिभावकों को डालनी होगी। घरों में भी हिंदी में बातचीत करनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से हिंदी रोजगार की भाषा बन रही है।
हिंदी में नौकरियां बहुत हैं
हिंदी के प्रति प्रेम शुरू से ही बच्चों में जागृत किया जाना चाहिए। जब घर से किसी काम की शुरुआत होती है तो बच्चे उसी चीज को आदर्श मानकर आगे बढ़ते हैं। हिंदी तेजी से रोजगार की भाषा बन रही है। इस भाषा में नौकरियां बहुत है।
- डॉ. अरुण सिंह ठाकुर, यूआईएचटीएम पीयू
हिंदी हो रही समृद्ध
भाषा के जरिये लोगों में संबंध बनते हैं और आगे तक कायम रहते हैं। यह लोगों को जोड़ने का काम करती है। हिंदी में ऐसी मिठास होती है कि हर व्यक्ति खींचा चला आता है। हिंदी में हर व्यक्ति को बात करनी चाहिए।
- डॉ. सुमन मोर, चेयरपर्सन, पर्यावरण अध्ययन विभाग पीयू