हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कुलदीप राठौड़ ने कहा कि नए साल में हिमाचल कांग्रेस नए कलेवर में दिखाई देगी। जनवरी तक हिमाचल कांग्रेस के संगठन का पुनर्गठन हो जाएगा। नया संगठन प्रदेश के सभी नेताओं की सहमति से तैयार होगा, जिसमें पूर्णकालिक समर्पित व ऊर्जावान कार्यकर्ताओं को पूरी तरजीह दी जाएगी।
यह भी प्रयास रहेगा कि ‘गणेश परिक्रमा’ वाले नेताओं व कार्यकर्ताओं को संगठन से दूर रखा जाए। प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने चंडीगढ़ में बातचीत के दौरान कहा कि संगठन के पुनर्गठन को लेकर आला नेताओं से बातचीत हो गई है और हाईकमान ने यह निर्देश दिया है कि जमीनी स्तर से जुड़े कार्यकर्ताओं व नेताओं को काम करने का पूरा मौका दिया जाए।
उनके अनुसार पार्टी ऐसे लोगों को संगठन में जगह देना चाहती है, जो पार्टी के लिए पूरा समय निकालें, क्योंकि अभी संघर्ष का समय है और तीन साल पूरी तरह संघर्ष करना है। अभी कांग्रेस प्रदेश में विपक्ष की अपनी पूरी जिम्मेदारी भी निभा रही है।
नए संगठन में ‘जोश’ व ‘होश’ दोनों दिखेगा
प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने कहा कि पार्टी के नए संगठन में इस बार ‘जोश’ और ‘होश’ दोनों दिखाई देगा। यानी ऊर्जावान यूथ भी रहेगा और अनुभवी थिकटैंक भी पार्टी को मजबूती देंगे। उनके अनुसार संगठन के पुनर्गठन के बाद पार्टी का संगठनात्मक क्षेत्र भी अब पहले जैसा होगा।
कांग्रेस के लिहाज से अब संगठनात्मक क्षेत्र 17 जिलों से घटाकर 13 जिले और 84 ब्लाक से घटाकर 72 जिले कर दिया गया है। उनके अनुसार ज्यादा जिलों व ब्लाक की वजह से कोआर्डिनेशन में दिक्कत आ रही थी। ब्लाक स्तर पर पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं, जो अध्यक्ष पद के लिए तीन-तीन नेताओं का पैनल तैयार करेंगे।
कांग्रेस में अब कोई बागी नहीं
कुलदीप राठौड़ ने कहा कि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी में अब कोई बागी नहीं है और न ही कोई बगावत। उनके अनुसार उन्होंने सभी नेताओं को मान-सम्मान देते हुए सभी को एकजुट करने का प्रयास किया है और प्रदेश के सभी नेता सम्मानीय हैं। इसलिए सूबे के सभी सीनियर नेताओं से राय मशविरे के बाद ही संगठन का पुनर्गठन का काम सिरे चढ़ाया जाएगा।
आरोप, हिमाचल को कर्ज में डुबो रही सरकार
प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ ने आरोप लगाते हुए कहा कि हिमाचल में मौजूदा सरकार सूबे को लगातार कर्ज में डुबो रही है। उनके अनुसार मात्र दो साल में ही सरकार के कार्यकाल में प्रदेश का कर्ज काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि इन्वेस्टर समिट पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाली सरकार प्रदेश की जनता को ये भी बताए कि आखिरकार सही मायनों में प्रदेश में कितना निवेश आया है।
इस संदर्भ में उन्होंने सरकार से श्वेत पत्र भी जारी करने की मांग की है। राठौड़ ने कहा कि हिमाचल में इस वक्त कानून व्यवस्था गड़बड़ा चुकी है और युवा चिट्टे की गर्त में डूब रहा है। मगर सरकार इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश औद्योगिक विकास के मामले में लगातार पिछड़ रहा है और ब्यूरोक्रेसी भी सरकार पर पूरी तरह हावी है।