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अकांक्ष मर्डर केस में बड़ा खुलासा, घटना के बाद धमकी मिलने की वजह से शेरा ने नहीं बोला सच

Tue, 24 Sep 2019 12:58 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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अकांक्ष मर्डर केस - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की पत्नी के भतीजे अकांक्ष मर्डर केस में सोमवार को एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशन जज राजीव गोयल की अदालत में सुनवाई हुई। शिकायतकर्ता के वकील तरमिंदर सिंह ने अदालत को बताया कि गगनदीप सिंह शेरा अकांक्ष का करीबी दोस्त था तो उसने अपने बयान क्यों बदले थे। एडवोकेट ने बताया कि जब शेरा का क्रॉस एग्जामिनेशन हुआ तो उसने बताया था कि  जुलाई 2017 में कुछ लोगों ने मेरे घर पर पत्थरों से हमला कर दिया था। उसके बाद आरोपी मौके से फरार गए थे।
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शेरा ने इसकी वीडियो बनाकर पुलिस को भी दी थी। एडवोकेट ने अदालत में शेरा की एक तस्वीर भी पेश की थी, जिसमें शेरा को खंबे से बांधकर पीटा दिखाया गया था। शेरा को खंबे से बांधकर पीटने का आरोप हरमेहताब पर था। अकांक्ष इस तस्वीर को लेकर ही हरमेहताब से बात कर रहा था कि तुमने शेरा को इतने बुरे तरीके से क्यों पीटा। सोमवार को सुनवाई के दौरान एडवोकेट ने कहा कि शेरा पहले इसलिए सच नहीं बोल पाया क्योंकि घटना के बाद उसे धमकी दी गई थी।

बचाव पक्ष की ओर से पहले दी गई दलील में कहा गया था कि तीनों गवाह करणयोग, अदम्या और राजन पपनेजा मौके पर मौजूद नहीं थे। अंकाक्ष को अस्पताल भी नहीं लेकर गए थे। इस बिंदु पर एडवोकेट ने वेरिफाई करते हुए कहा कि गगनदीप शेरा ने भी अपने बयान में कहा था कि सभी वहां पर मौजूद थे और कई डॉक्यूमेंट हैं, जो साबित करते हैं कि सभी मौकेपर ही थे। उसकेबाद बीएमडब्ल्यू कार पर बताते हुए एडवोकेट ने कहा कि कार 9 दिनों तक बलराज रंधावा के पास थी। इस दौरान उसने कार में मौजूद सबूतों जैसे खून के निशान या टूटी गाड़ी को ठीक करवाकर मिटा दिया होगा।   
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यह है पूरा मामला

अकांक्ष की 9 फरवरी 2017 को चंडीगढ़ सेक्टर 9 में बीएमडब्ल्यू से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस को शिकायत दी गई थी कि अकांक्ष सेन पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई थी। अकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहता था और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। रात को वह शेरा के पास ही रुका था।

इस मामले में पेप्सू राज्य के पहले सीएम ज्ञान सिंह रारेवाला के पोते हरमेहताब सिंह रारेवाला को मुख्य आरोपी बनाया गया था। हरमेहताब को 16 फरवरी 2017 को गिरफ्तार कर लिया गया था। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो। रंधावा को अब तक पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। बाद में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया था।
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