पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट न होने से वाहनों के धड़ल्ले से कट रहे चालान पर कड़ी आपत्ति जताई है। बुधवार को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने हाईकोर्ट को बताया था कि अभी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट को लगाने के लिए टेंडर की प्रक्रिया जारी है।
हाईकोर्ट ने कहा कि अभी नंबर प्लेटें लगाने का टेंडर नहीं हुआ है तो लोग इन्हें लगवाएं कैसे, और ऐसे में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के कारण किसी का चालान कैसे किया जा सकता है।
हाईकोर्ट ने जैन से कहा कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के कारण कोई चालान नहीं होना चाहिए। जैन ने हाईकोर्ट को आश्वस्त किया कि हाईकोर्ट की मौखिक टिप्पणी को प्रशासन तक पहुंचा दिया जाएगा।
मामले में याचिका दाखिल करते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील स्वतंत्र राय ने हरियाणा में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का ठप पड़ा काम दोबारा आरंभ करवाने के आदेश जारी करने की अपील की थी।
याची की ओर से दलील दी गई थी कि हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के कारण अपराध में कमी आएगी और इसका बहुत अधिक फायदा देखने को मिलेगा। इस बारे में हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी भी कंपनी के पास हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने के लिए पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर तक नहीं है।
चंडीगढ़ में तो हाल यह है कि जजों की गाड़ियां भी हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए कतार में हैं। कोर्ट ने कहा था कि बिना तैयारी और बिना प्लानिंग के यह हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य कर दी गई है।