पंजाब ड्रग रैकेट मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय को जबाब तलब किया गया है। नोटिस हाईकोट की ओर से जारी किया गया। मामले में चंडीगढ़ प्रशासन और हरियाणा सरकार को भी नोटिस जारी किया गया है। सीमा पार से ड्रग्स तस्करी में बीएसएफ कर्मियों का नाम सामने आने पर यह नोटिस जारी किए गए। अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
हाईकोर्ट ने सोमवार को सुनवाई के दौरान ईडी चंडीगढ़ के कानूनी सलाहकार सुरेश बत्तरा के तबादले पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही ईडी के सहायक निदेशक निरंजन सिंह के तबादले पर रोक को जारी रखा है। मुख्य पैरवीकार नवकिरन सिंह ने एक अर्जी दाखिल कर कहा था कि पहले निरंजन सिंह का तबादला किया गया और अब बत्तरा का भी तबादला हो गया।
यह सब कुछ ऐसे समय में किया जा रहा है, जब जांच लगभग मुकम्मल हो चुकी है। बत्तरा शुरुआत से ही इस केस से जुड़े हैं। ट्रायल के वक्त उनकी जरूरत पड़ेगी। उनके तबादले से केस प्रभावित हो सकता है। धंधे में शामिल पैसे के लेनदेन की ईडी जांच में मुख्य मामला भटक गया है। ड्रग्स सप्लाई की दिशा में जांच नहीं हो पा रही है।
इसलिए सीबीआई, आईबी और राज्य स्तरीय एजेंसियों की एक कमेटी गठित कर दी जानी चाहिए ताकि ड्रग्स सप्लाई पर अंकुश लग सके। उन्होंने ड्रग्स धंधे के तार चंडीगढ़ और हरियाणा के कुछ हिस्सों से जुड़े होने की बात भी कही थी। अब इस पर हाईकोर्ट ने हरियाणा और यूटी को नोटिस जारी किया है।