हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के भतीजे अकांक्ष सेन के मर्डर केस में पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने दखल दिया है। साथ ही टिप्पणी की है कि मुख्य आरोपी बलराज सिंह रंधावा फरार चल रहा है। ऐसे में सीबीआई आरोपी को पकड़ने में चंडीगढ़ पुलिस की मदद कर सकती है। बलराज सिंह रंधावा की मां से हाईकोर्ट ने पूछा है कि क्या उनका बेटा समर्पण करने के लिए तैयार है।
हाईकोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि बलराज समर्पण करता है तभी उनकी सीबीआई जांच की मांग पर गौर किया जाएगा। मामले की सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया कि केस का ट्रायल जल्द ही पूरा हो सकता है। अब केवल दो गवाहों के बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं। जस्टिस राजन गुप्ता ने इस जानकारी के बाद सीबीआई को निर्देश दिए कि भले ही केस की जांच यूटी पुलिस कर रही है लेकिन मुख्य आरोपी को पकड़ने में चंडीगढ़ पुलिस की मदद कर सकती है।
आरोपों के अनुसार 9 फरवरी को बूम बॉक्स कैफे के पीछे वीरभद्र सिंह के रिश्तेदार अकांक्ष सेन पर बीएमडब्ल्यू चढ़ा दी गई थी। इस घटना को बूम बॉक्स में आए एक समूह द्वारा अंजाम दिया गया था जिसमें तीन लड़कियां भी शामिल थीं। शिकायत के अनुसार बलराज रंधावा गाड़ी चला रहा था और हरमेहताब रारेवाला उससे कह रहा था इसे टक्कर मारो और खत्म कर दो।
पुलिस को दी शिकायत में कहा गया था कि अकांक्ष सेन पर जानबूझ कर गाड़ी चढ़ाई गई। अकांक्ष सेक्टर-9 में ही रहता था और उसी सेक्टर में उसका एक दोस्त शेरा भी रहता था। घटना की रात को वह शेरा के पास ही रुका था। इस मामले में पेप्सू राज्य के पहले सीएम ज्ञान सिंह रारेवाला के पोते हरमेहताब सिंह रारेवाला को भी आरोपी बनाया गया था।
पुलिस की गिरफ्त से बाहर होने के चलते उसे प्रोक्लेम अफेंडर घोषित कर दिया गया था। इस मामले में मुख्य गवाह बूम बॉक्स कैफे की मालिक अदम्या राठौर पहले ही गवाही दे चुकी हैं।