पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कस्टम विभाग के 34 अधिकारियों के खिलाफ सीबीआई कार्रवाई रद्द कर दी है। इन अधिकारियों पर छानबीन किए बिना कस्टम ड्यूटी के चार लाख 17 हजार रुपये फर्जी बिल के आधार पर कंपनियों को राशि लौटाने के घपले का आरोप था।
परमिंदर कुमार और अमनदीप सिंह ने आपराधिक षड्यंत्र रच कर कस्टम अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसी कंपनियों का 50 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाया था, जो कंपनियां अस्तित्व में थी ही नहीं।
इसी कारोबार की कस्टम ड्यूटी के कथित फर्जी बिल बनाए गए थे। सीबीआई ने कस्टम अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आपराधिक कार्रवाई शुरू की थी। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी कि सीबीआई ने कस्टम अधिकारियों को कार्रवाई से पहले कोई नोटिस नहीं दिया और न ही केंद्र सरकार को सूचित किया।
दलील दी थी कि कस्टम एक्ट के तहत कस्टम विभाग के अधिकारी पर कार्रवाई से पहले एक महीने का नोटिस देना जरूरी है, लेकिन नोटिस नहीं दिया गया, इसलिए कार्रवाई नहीं की जा सकती। हाईकोर्ट ने यह दलील मंजूर करते हुए एफआईआर रद्द करने और मामले का ट्रायल खत्म करने की मांग मंजूर कर ली है।