पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ सेक्टर-35 की एक कोठी का कुछ हिस्सा बेटी के नाम कर उसे वापस लेने की मां की मांग को गलत ठहराया है।
हाईकोर्ट ने कहा है कि संतान को एक बार जो संपत्ति होश-हवास में गिफ्ट की गई हो, वह दोबारा वापस नहीं मांगी जा सकती। मां ने सीनियर सिटीजंस एक्ट के तहत ट्रिब्यूनल में गिफ्ट की गई संपत्ति वापस लेने को अपील की थी।
कहा है कि उसने बेटी को यह हिस्सा इसलिए दिया था ताकि वह संपत्ति की देखभाल कर सके, लेकिन बेटी का रवैया बदल गया है, लिहाजा गिफ्ट डीड रद्द कर हिस्सा वापस दिया जाए। ट्रिब्यूनल ने फैसला मां के हक में दिया था, इसे बेटी ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
दलील दी थी कि मां ने बगैर किसी दबाव के पूरे होश में गिफ्ट डीड की थी और अब यह हिस्सा वापस मांगना गलत है। हाईकोर्ट ने बेटी की दलील मंजूर करते हुए ट्रिब्यूनल का फैसला रद्द कर दिया है।