पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मंगलवार को नगर निगम फगवाड़ा, नगर परिषद डेरा बाबा नानक और धर्मकोट की वार्डबंदी को अवैध करार देते हुए इसे रद्द कर दिया। इसके साथ ही जालंधर नगर निगम की वार्डबंदी को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से नगर निगम फगवाड़ा, नगर परिषद डेरा बाबा नानक और धर्मकोट की वार्डबंदी को चुनौती दी गई थी।
याचिका में हाईकोर्ट को बताया गया कि सरकार ने इन तीनों एमसी की नए सिरे से वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू की है, जबकि 2020 में ही इनकी वार्डबंदी हुई थी। बिना किसी चुनाव के मौजूदा सरकार ने नए सिरे से वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू कर दी, जबकि इसकी कोई जरूरत तक नहीं और न ही जनसंख्या का कोई नया डाटा आया था।
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद याचिकाओं को मंजूर करते हुए वार्डबंदी को रद्द करने का आदेश जारी किया है। इस मामले में हाईकोर्ट का विस्तृत आदेश आना अभी बाकी है। वहीं जालंधर नगर निगम की वार्डबंदी के खिलाफ जालंधर के राजिंदर बेरी की याचिका को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। इस मामले में अभी विस्तृत आदेश आना बाकी है।