हरियाणा के भिवानी जिले के ग्रामीण जलघरों में पानी न होने की जांच उच्चस्तरीय समिति करेगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को विधानसभा में इसकी घोषणा की। तोशाम से कांग्रेस विधायक किरण चौधरी जिले में पानी की किल्लत पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाईं थीं।
उन्होंने प्रस्ताव पेश करते हुए अनेक गांवों के जलघरों व तालाब में पानी न होने की बात कही। साथ ही 40 दिन कम पानी वितरित करने का आरोप लगाया। साथ ही पूछा कि एसवाईएल का पानी कब तक आएगा। इस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि सिंचाई विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह की अध्यक्षता वाली समिति जल घरों में पानी की उपलब्धता की जांच कर 24 घंटे में रिपोर्ट देगी। यदि किरण चौधरी की तरफ से विधानसभा में कही बात सही पाई गई तो विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
रिपोर्ट विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। रिपोर्ट से साफ हो जाएगा कि सदन को कौन गुमराह कर रहा है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी किरण अपने आंकड़ों पर कायम रहीं। उन्होंने कहा कि वह सदन को गुमराह नहीं करतीं। इस दौरान उनकी कृषि मंत्री जेपी दलाल से तीखी बहस हो गई।
दलाल ने कहा कि पूर्व सरकार में यह जनस्वास्थ्य मंत्री रहीं, तब इन्होंने भिवानी में जल संकट का मुद्दा कभी नहीं उठाया। 35 साल बाद भिवानी जिले को सबसे अधिक पानी मिला है। यह जनता को गुमराह करते हैं। पानी के सभी टैंक में पानी भरा हुआ है, अधिकारियों ने फोटो भेजी हैं।
जनस्वास्थ्य मंत्री बनवारी लाल ने कहा कि भिवानी जिले के संडवा, उमरावत, छपार रांगडान, छपार जोगियां व सागवान में कच्चे पानी की उपलब्धता में गर्मी के सीजन में थोड़ी समस्या जरूर आती है। इसके सुधार के लिए 989.37 लाख रुपये के अनुमान स्वीकृत किए जा चुके हैं।
संडवा गांव में कार्य 31 अक्तूबर 2021 तक पूरा होने की संभावना है। गांव उमरावत, छपार रांगडान, छपार जोगिया व सागवान में कार्य शुरू होने की संभावित तिथि 1 अक्टूबर 2021 व कार्य पूरा होने की संभावित तिथि 31 दिसंबर 2022 है। गांव उमरावत में पिछले 6 महीने से नियमित रूप से जल आपूर्ति की जा रही है। पिछले 3 महीनों के दौरान सभी गांवों के तालाबों को नियमित रूप से नहरी पानी से भरा गया है। घरेलू नल कनेक्शन देने में हरियाणा देश में तीसरे स्थान पर है।