-हाईकोर्ट ने चयन समिति की चेयरमैन के तौर पर जस्टिस सबिना को मार्च में किया था नामित
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा के विभिन्न जिलों में मौजूद जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) में चेयरमैन व सदस्यों की नियुक्ति की प्रक्रिया लटकने पर सरकार को फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने कहा कि चयन समिति के चेयरमैन के तौर पर रिटायर जस्टिस सबिना का नाम हाईकोर्ट ने मार्च में प्रस्तावित किया था। अब एक सप्ताह की सरकार को मोहलत देते हुए चेतावनी दी है कि यदि चयन प्रक्रिया शुरू नहीं की गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
याचिका दाखिल करते हुए विनीत कुमार जाखड़ ने हाईकोर्ट को बताया था कि बाल अपराधियों के मामलों को लेकर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट बनाया गया था। इसके तहत सभी जिलों में जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड गठित किए गए थे। याची ने बताया कि चेयरमैन व बोर्ड सदस्यों के अभाव में काम सही प्रकार से नहीं हो पा रहे हैं। गुरुग्राम, झज्जर, हिसार व रोहतक के जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में कोई सदस्य नहीं है। इसी का नतीजा है कि प्रदेश भर में 2120 मामले बोर्ड के समक्ष विचाराधीन हैं। याची ने बताया कि जुवेनाइल के मामलों में 4 माह में कार्रवाई पूरी करने का प्रावधान है जबकि गुरुग्राम व सोनीपत में 2015 के मामले भी अभी तक विचाराधीन हैं। सरकार ने अपना जवाब सौंपा। याची ने कहा कि गुरुग्राम, फतेहाबाद, झज्जर और नारनौल में चेयरमैन व सदस्य होने की गलत जानकारी दी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने अब इस बारे में हलफनामा दाखिल करने का हरियाणा सरकार को आदेश दिया है।