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High Court: संगत सिंह गिलजियां की गिरफ्तारी पर 13 सितंबर तक रोक, आशु की याचिका पर सरकार ने रखा पक्ष

Mon, 25 Jul 2022 07:37 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया और सुनवाई 13 सितंबर को तय की है। साथ ही अगली सुनवाई तक याची की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी।
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संगत सिंह गिलजियां। - फोटो : अमर उजाला (फाइल फोटो)
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विस्तार
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पंजाब के पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले में दर्ज एफआईआर में अग्रिम जमानत की मांग पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही 13 सितंबर तक याची की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। संगत सिंह गिलजियां के खिलाफ विजिलेंस ब्यूरो ने मोहाली में छह जून को भ्रष्टाचार के मामले में आईपीसी की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। इस एफआईआर में अग्रिम जमानत की मांग को लेकर संगत सिंह गिलजियां ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।

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याचिका में कहा गया कि इस मामले में याची को फंसाया गया है। यह एफआईआर साजिशन दर्ज करवाई गई है और याची रानीतिक दुर्भावना का शिकार बना है। याची ने बताया कि एफआईआर रद्द करने की मांग को लेकर उसकी याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है। ऐसे में अब उसे अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए। 

हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। सोमवार को याचिका सुनवाई के लिए पहुंची तो पंजाब सरकार ने जवाब के लिए समय मांगा। इस पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को दो सप्ताह में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया और सुनवाई 13 सितंबर को तय की है। साथ ही अगली सुनवाई तक याची की गिरफ्तारी पर रोक रहेगी।
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पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु के खिलाफ आईं 18 शिकायतें: पंजाब सरकार
उधर, भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे पंजाब में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब सरकार ने बताया कि आशु के खिलाफ 18 शिकायतें मिली थीं। भारत भूषण आशु ने याचिका में कहा है कि 2018 -2019 में जब वह खाद्य और आपूर्ति मंत्री थे तो उस समय पंजाब फूड ग्रेन्स ट्रांसपोर्टेशन पॉलिसी लाई गई थी। इस पॉलिसी को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। 

इसमें ई-टेंडर के जरिये टेंडर मांगे गए थे। टेंडर की प्रक्रिया डीसी के द्वारा पूरी की जाती थी। याची ने कहा कि इस मामले से उनका कोई लेनादेना नहीं है। इसके बावजूद राजनीतिक रंजिश के चलते याची को फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। आशु पर दो हजार करोड़ के घोटाले का आरोप है और मामले में विजिलेंस जांच कर रही है। 

आशु ने हाईकोर्ट से अपील की है कि विजिलेंस को आदेश दिया जाए कि अगर याची को गिरफ्तार करना है तो उससे पहले उसे सात दिन का पूर्व नोटिस दिया जाए। याचिका पर विजिलेंस ने जवाब दाखिल करते हुए बताया कि आशु के खिलाफ कुल 18 शिकायतें मिली थी। इसी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। राजनीतिक रंजिश के चलते कार्रवाई के आरोपों को विजलेंस ने सिरे नकार दिया।

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