एक अगस्त, 2023 को फगवाड़ा के ब्लड बैंक ने तीन यूनिट एचआईवी पॉजिटिव खून जारी किया था। इस मामले में याचिकाकर्ता ने पुलिस को शिकायत भी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।
पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने फगवाड़ा के एक ब्लड बैंक से एचआईवी पॉजिटिव खून जारी होने की घटना को गंभीर लापरवाही माना है। एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पंजाब सरकार, डीजीपी व अन्य को नोटिस जारी जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
मामले में हिंदुस्तान वेलफेयर ब्लड डोनर क्लब ने एडवोकेट आशीष नागर के माध्यम से याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट को बताया कि 1 अगस्त, 2023 को फगवाड़ा के ब्लड बैंक ने तीन यूनिट एचआईवी पॉजिटिव खून जारी किया था। इस मामले में याचिकाकर्ता ने पुलिस को शिकायत भी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा बठिंडा में 10 अक्तूबर, 2020 में एक मरीज जिसका ब्लड ग्रुप ओ-पॉजिटिव था, उसे बी-पॉजिटिव खून चढ़ा दिया गया था।
याची ने कहा कि ब्लड बैंकों और उनके स्टाफ की लापरवाही का खमियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। ऐसे में खून एकत्रित करने, उसको सुरक्षित रखने, उचित जांच व सप्लाई के लिए कड़े निर्देश जारी करने चाहिए। साथ ही हाईकोर्ट से मांग की गई कि ऐसी लापरवाही का शिकार हुए लोगों के लिए मुआवजे का प्रावधान किया जाना चाहिए। याचिका में उन पीड़ितों को उचित इलाज और मुआवजा देने की अपील की है जिन्हें एचआईवी पॉजिटिव खून चढ़ाया गया। साथ ही आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की है। इस याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।