पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि कब्रिस्तान के लिए आरक्षित भूमि को अब किसी भी निर्माण के लिए लीज (पट्टा) पर नहीं दिया जा सकेगा। इस भूमि को पट्टे पर देना मुस्लिमों के सांविधानिक व धार्मिक अधिकारों का हनन है। कोर्ट ने हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ को ऐसे सभी विवादित लीज रद्द करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही वक्फ बोर्ड को कब्रिस्तान के लिए आरक्षित भूमि की पहचान करने का निर्देश भी दिया।
पंजाब वक्फ बोर्ड संगरूर की कब्रिस्तान की भूमि से जुड़े मामले का विवाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचा था। कोर्ट ने इस मामले का तो निपटारा कर दिया लेकिन कब्रिस्तान की आरक्षित भूमि के गलत इस्तेमाल का मुद्दा उठा दिया। कोर्ट वक्फ बोर्ड से पूछा कि प्रदेश भर में मौजूद कब्रिस्तान की भूमि को लेकर उनकी क्या योजना है। इसके जवाब में बोर्ड ने बताया कि पंजाब में कब्रिस्तान के लिए आरक्षित भूमि की पहचान की जाएगी और इसके लिए अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। जहां पर मुस्लिम आबादी है, वहां पर कब्रिस्तान के लिए भूमि खरीदी जाएगी। शहरों में 2 एकड़ व महानगरों में पांच एकड़ भूमि कब्रिस्तान के लिए रखी जाएगी। प्रति 1000 मुस्लिम लोगों के लिए 1 कनाल भूमि सुनिश्चित की जाएगी।
कोर्ट ने कहा कि वक्फ बोर्ड को यह भूमि दी गई है लेकिन इस पर उनका अधिकार बिना किसी अंकुश के नहीं है। हाईकोर्ट ने अब बोर्ड को कब्रिस्तान के लिए आरक्षित भूमि की पहचान करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ को 2013 के बाद लीज पर दी गई कब्रिस्तान भूमि पर कॉमर्शियल गतिविधि होने पर उसे रद्द करने का आदेश दिया है। साथ ही भविष्य में कॉमर्शियल इस्तेमाल के लिए न देने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि मुस्लिमों के लिए आरक्षित कब्रिस्तान की भूमि का कॉमर्शिलाइजेशन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
मुख्तार अंसारी को जमीन लीज पर देने पर हुआ था विवाद
पंजाब वक्फ बोर्ड ने कांग्रेस सरकार के समय में बाहुबली मुख्तार अंसारी को भी कुछ भूमि लीज पर दी थी। भूमि को लीज पर देने से जुड़ा विवाद सुर्खियों में रहा था। पंजाब के मुख्यमंत्री इस मामले की जांच की बात कह चुके हैं। साथ ही भूमि को लीज पर देने में किन लोगों ने भूमिका निभाई थी इसकी जांच करवाने की भी बात कही गई थी।
वक्फ बोर्ड की संपत्ति की होगी रक्षा
पंजाब वक्फ बोर्ड के पैनल काउंसिल मोहम्मद अरशद ने कहा कि हाईकोर्ट का यह फैसला बेहद अहम है क्योंकि बोर्ड को प्रदेश भर की प्रॉपर्टी के सर्वे का आदेश दिया गया है। इससे वक्फ बोर्ड की संपत्ति की रक्षा होगी और बोर्ड के पास सही व सटीक आंकड़े मौजूद होंगे।