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हाईकोर्ट ने कहा: क्रूर व्यक्ति समाज में बढ़ाता है असुरक्षा, ऐसे में जमानत का हकदार नहीं

Sat, 13 Aug 2022 08:01 AM IST
ajay kumar विवेक शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि क्रूर व्यक्ति के समाज में रहने से समाज में असुरक्षा पैदा हो जाती है। हाईकोर्ट ने कहा कि अदालतों को क्रूर व्यक्ति को अमूमन जमानत नहीं देनी चाहिए।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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क्रूर व्यक्ति के समाज में रहने से असुरक्षा पैदा होती है और ऐसे में क्रूर व्यक्ति जमानत का हकदार नहीं है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी गंडासे से एक व्यक्ति की उंगलियां काटने के आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए की है। पंजाब के फतेहगढ़ साहिब निवासी रवि ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अग्रिम जमानत की मांग की थी। 

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याचिका में बताया गया कि दो गुटों में 13 फरवरी, 2022 को भिड़ंत हुई थी। याची पर आरोप है कि उसने गंडासी से नवजोत सिंह की उंगलियां काट दीं। याची ने कहा कि इस मामले में सह आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, ऐसे में उसे भी अग्रिम जमानत का लाभ दिया जाए। हाईकोर्ट ने याची की दलीलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि याची ने बेरहमी से नवजोत सिंह पर वार किया जिसकी वजह से उसकी उंगलियां कट गई।

हाईकोर्ट ने कहा कि क्रूर व्यक्ति के समाज में रहने से समाज में असुरक्षा पैदा हो जाती है। हाईकोर्ट ने कहा कि अदालतों को क्रूर व्यक्ति को अमूमन जमानत नहीं देनी चाहिए। यदि क्रूर व्यक्ति को किसी परिस्थिति में जमानत देना जरूरी समझें तो इसके लिए अदालत को कारण स्पष्ट करना चाहिए। इस मामले में क्रूरता देखते हुए याची अग्रिम जमानत का हकदार नहीं है। उस पर एक व्यक्ति की उंगलियों को काटने का आरोप है। इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।

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