कोरोना संकट से निपटने के लिए हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का पालन करने और लोगों की जान बचाने के लिए हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ व केंद्र द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए हाईकोर्ट ने इस मामले को लेकर लिए गए संज्ञान का निपटारा कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि दूसरी लहर शांत हो चुकी है और सक्रिय मामले भी घटे हैं। ऐसे में अब सुनवाई की जरूरत नहीं है लेकिन आवश्यक हुआ तो दोबारा सुनवाई होगी।
केस का निपटारा करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि क्षेत्र के साथ ही पूरे देश में अब कोरोना की दूसरी लहर शांत हो रही है। केस की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि समय-समय पर केंद्र, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को जो आदेश जारी किए गए थे उनका सही प्रकार से पालन किया गया, इसलिए ये सराहना के पात्र हैं। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने केस में कोर्ट का सहयोग कर रहे सीनियर एडवोकेट रुपिंदर खोसला को भी धन्यवाद किया और कहा कि आगे भी उनके सहयोग की आवश्यकता होने पर सहयोग लिया जाएगा।
यह था मामला
हाईकोर्ट ने इस मामले में एक कैदी की पैरोल मांग को लेकर दायर याचिका का दायरा बढ़ाते हुए संज्ञान लिया था। हरियाणा की जेल में बंद कैदी ने याचिका में बताया था कि वह 27 दिसंबर को जेल में कोरोना से संक्रमित हो गया था। इसके बाद उसे पंचकूला स्थित क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया। वहां उसे सही इलाज नहीं मिला और ठीक होने पर उसे वापस अंबाला जेल भेज दिया गया। इसके बाद हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट रुपिंदर खोसला को कोर्ट के सहयोग के लिए नियुक्ति किया था। हरियाणा के साथ केंद्र सरकार, पंजाब और चंडीगढ़ को पक्ष बनाते हुए निर्देश जारी किया था।