नशा तस्करी के मामले में आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि नशे की तस्करी देश की जड़ों को खोखला कर रही है। नशा न केवल व्यक्ति और समाज को बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा रहा है। इस प्रकार के अपराध के दोषियों से सख्ती से निपटना जरूरी है।
धरमिंदर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए अग्रिम जमानत की मांग की है। याची के खिलाफ पाकिस्तान से नशे की खेप भारत में लाकर इसकी तस्करी का आरोप है। याची ने बताया कि उसका नाम एफआईआर में सह आरोपी के बयान को आधार बनाकर शामिल किया गया है। इस मामले में ऐसे ही उसके पिता को भी नामजद किया गया था। उसके पिता को ट्रायल कोर्ट बरी कर चुका है और ऐसे में याची को जमानत का लाभ मिलना चाहिए।
याचिका का विरोध करते हुए पंजाब सरकार ने कहा कि याची के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं। उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है, ऐसे में उसे जमानत नहीं दी जानी चाहिए। सभी पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि याची दोषी है या नहीं यह ट्रायल कोर्ट तय करेगा। ऐसा आरोपी जिसे भगोड़ा करार दिया गया हो, उसे अग्रिम जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
याची के खिलाफ नशे की तस्करी का आरोप है और नशे की तस्करी न सिर्फ व्यक्ति बल्कि समाज और फिर देश की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा रही है। नशे से देश की जड़ों को खोखला करने वालों से सख्ती से निपटना जरूरी हो गया है। इन टिप्पणियों के साथ ही हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।