याचिकाकर्ताओं ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 12वीं कक्षा पास होना जरूरी है लेकिन प्रश्नपत्र एलएलएम स्तर का था। पंजाब यूनिवर्सिटी ने इसके जवाब में कहा कि प्रश्न पत्र विशेषज्ञों की ओर से तैयार किए गए थे और इसमें कोई खामी नहीं थी।
चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी के पांच वर्षीय बीए-बीकॉम लॉ पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए आयोजित की गई परीक्षा रद्द करने की मांग हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। याचिका 15 छात्रों की ओर से दाखिल की गई थी।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि परीक्षा के प्रश्न कठिन थे, इस आधार पर प्रवेश परीक्षा रद्द नहीं की जा सकती। शेफाली वर्मा व अन्य ने याचिका दाखिल कर हाईकोर्ट को बताया था कि पीयू ने पांच वर्षीय लॉ में प्रवेश के लिए आवेदन मांगे थे। याचिकाकर्ताओं ने इसके लिए आवेदन किया और प्रवेश परीक्षा में हिस्सा लिया।
याचिकाकर्ताओं ने बताया कि इस पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए 12वीं कक्षा पास होना जरूरी है लेकिन प्रश्नपत्र एलएलएम स्तर का था। इसके साथ ही प्रॉस्पेक्टस के अनुसार 60 प्रश्न सामान्य ज्ञान के, 20 प्रश्न कानूनी जानकारी के, 10 प्रश्न मानसिक क्षमता के और 10 प्रश्न अंग्रेजी के ज्ञान के बारे में होने चाहिए थे। प्रश्न पत्र इसके अनुसार नहीं तैयार किया गया था। पंजाब यूनिवर्सिटी ने इसके जवाब में कहा कि प्रश्न पत्र विशेषज्ञों की ओर से तैयार किए गए थे और इसमें कोई खामी नहीं थी।