पंजाब में 159 ज्यूडिशियल ऑफिसरों की भर्ती का रास्ता साफ करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि भर्ती में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए यह आवश्यक है कि इंटरव्यू से पहले लिखित परीक्षा के अंक सार्वजनिक न हों।
याचिका दाखिल करते हुए मलविंदर सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन (पीपीएससी) ने 6 सितंबर, 2022 को सिविल जज के 159 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। याची ने कहा कि मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के दौरान भेदभाव हुआ है।
पहली 400 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में सख्ती बरती गई है, जिसके चलते केवल 35 आवेदक सफल हुए हैं जबकि बाकी की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में उदारता बरती गई है। याची ने कहा कि परिणाम जारी करते हुए अंकों को प्रदर्शित नहीं किया गया जो सही नहीं है। याची ने उत्तर पुस्तिका के पुन: मूल्यांकन की अपील की, जिससे इन्कार कर दिया गया।
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद कहा कि इस भर्ती में लिखित परीक्षा के साथ ही इंटरव्यू के अंकों को जोड़कर चयन होना है। अगर इंटरव्यू से पहले लिखित परीक्षा के अंक सार्वजनिक कर दिए गए तो इससे इंटरव्यू का पैनल प्रभावित हो सकता है। ऐसे में हाईकोर्ट ने भर्ती को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करते हुए भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है।