याची ने कहा कि वह तो इस तय अवधि से कहीं अधिक समय से जेल में मौजूद है लेकिन उसे रिहा नहीं किया जा रहा है। इसके साथ ही उसने दया याचिका दाखिल की थी लेकिन इस याचिका पर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। याची ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से अपील की है कि उसे हिरासत से छुड़ाने के लिए उचित आदेश जारी करें क्योंकि वह नियमों के तहत प्री मिच्योर रिलीज का हकदार है।
याची ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 29 सितंबर, 2019 को दिल्ली के मुख्य सचिव को लिखे पत्र में भुल्लर सहित आजीवन कारावास का सामना कर रहे आठ सिख कैदियों को श्री गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य में विशेष छूट देने के अपने फैसले की जानकारी दी थी। केंद्र ने दिल्ली के मुख्य सचिव को भुल्लर की रिहाई के लिए सभी आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था लेकिन दिल्ली सरकार के सजा समीक्षा बोर्ड ने तिहाड़ जेल से दविंदर पाल सिंह भुल्लर की समयपूर्व रिहाई पर कोई निर्णय नहीं लिया। जिसके चलते उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्री-मैच्योर रिहाई की गुहार लगाई है।