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सेक्टर-19 में अतिक्रमण हटाने पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, अगली सुनवाई तक रुका नगर निगम का अभियान

Sat, 05 Jan 2019 10:57 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
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चंडीगढ़ नगर निगम की ओर से सेक्टर-19 में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पर शुक्रवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। सेक्टर-19 रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा नगर निगम के उक्त अभियान को रोकने के लिए शुक्रवार दोपहर हाईकोर्ट में एलपीए दाखिल की गई। उस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस अमित रावल और जस्टिस अरुण त्यागी की बेंच ने इस पूरे मामले में पहले से दाखिल याचिका पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी।

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 नगर निगम ने इससे पहले हाईकोर्ट के निर्देशानुसार ही सेक्टर-19 में सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाया जा रहा था। नगर निगम को 10 जनवरी तक सारा अतिक्रमण हटाकर अदालत को सूचना देने के निर्देश मिले थे। शुक्रवार दोपहर तक नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते ने चार जेसीबी की मदद से सेक्टर-9बी और डी में अतिक्रमण पूरी तरह हटा दिया था।

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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन ने हाईकोर्ट द्वारा 21 दिसंबर को जारी किए गए आदेश को चुनौती देते हुए दायर एलपीए में कहा कि सरकारी जमीन का इस्तेमाल केवल पार्किंग के उद्देश्य से हो रहा है। नगर निगम की पार्किंग पॉलिसी का ड्राफ्ट अभी प्रक्रिया के अधीन है और निगम ने अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू कर दिया है। 

याचियों के एडवोकेट गौरव राना ने कहा कि अदालत के आदेश से रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन बुरी तरह प्रभावित हुई है क्योंकि इसमें शामिल सभी लोग सरकारी मकानों के अलॉटी हैं और घरों के आसपास की खाली जमीन का उपयोग केवल वाहन पार्किंग के लिए कर रहे हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन/नगर निगम ने अब तक ऐसा कोई सर्वे नहीं किया है, जैसा कि कोर्ट के आदेश में कहा गया था और न ही किसी को कोई व्यक्तिगत नोटिस ही जारी किया है।

उल्लेखनीय है कि सेक्टर 19 में सरकारी जमीन पर लोगों द्वारा कब्जों के कारण आ रही वाहन पार्किंग की समस्या के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 10 जनवरी तक कब्जे हटाने के आदेश दिए थे। निगम आयुक्त को इस मामले में दस जनवरी को अगली सुनवाई पर जवाब दायर करने को कहा गया था। 
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