एसएचओ इंस्पेक्टर नवदीप सिंह से तंग आकर उसके दो भाइयों मानवजीत और जश्नदीप ने 2 सितंबर को उफनती ब्यास में छलांग लगाकर जान दे दी थी। इस मामले की जांच के लिए कपूरथला के एसएसपी की अगुवाई में एसआईटी बनाई गई है, लेकिन उस पर आरोपियों को बचाने का प्रयास करने का आरोप है।
जालंधर के दो भाइयों मानवजीत और जश्नदीप की आत्महत्या के मामले में एसआईटी की जांच पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। याचिका में जांच को समयबद्ध पूरा करने का निर्देश जारी करने की अपील की गई है। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए इस मामले की जांच 31 दिसंबर तक पूरा करने का एसआईटी को आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए मानवदीप सिंह ने एडवोकेट प्रणव हांडा के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया कि एसएचओ इंस्पेक्टर नवदीप सिंह से तंग आकर उसके दो भाइयों मानवजीत और जश्नदीप ने 2 सितंबर को उफनती ब्यास में छलांग लगाकर जान दे दी थी। मानवदीप सिंह ने पुलिस को शिकायत देते हुए कहा था कि दोस्त की बहन परमिंदर कौर का पति गुरमीत सिंह और उसके परिवार के साथ विवाद है। जालंधर डिवीजन नंबर 1 के पुलिस स्टेशन के एसएचओ नवदीप सिंह के पास यह मामला पहुंचा था। 16 अगस्त को थाने में दोनों पक्षों में कहासुनी हुई।
आरोप के अनुसार इस दौरान लड़के पक्ष ने परमिंदर कौर और मानवजीत के साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिस कर्मियों ने भी उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया। कुछ देर बाद एक व्यक्ति मानवजीत को एसएचओ नवदीप सिंह के पास ले गया। कुछ मिनट बाद अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाज आई और मानवजीत के साथ मारपीट व बेहद बुरा सुलूक किया गया। यहां तक कि उनकी पगड़ी का भी अपमान किया गया। इससे आहत होकर मानवजीत व उसके भाई जश्नदीप ने ब्यास में छलांग लगा दी। पुलिस ने इस मामले में तीन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया है।
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याची ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए कपूरथला के एसएसपी की अगुवाई में एसआईटी बनाई गई है, लेकिन यह आरोपियों को बचाने का प्रयास कर रही है। इस मामले में तीनों आरोपी पुलिस अधिकारी हैं। एसआईटी इस मामले की जांच को लटका रही है। ऐसे में समयबद्ध जांच पूरी करने का निर्देश दिया जाए। हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए 31 दिसंबर तक जांच पूरी करने का एसआईटी को आदेश दिया है।