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लॉरेंस का इंटरव्यू: कोर्ट ने कहा- जांच में कई खामियां, हम संतुष्ट नहीं; मामला इंटर स्टेट हुआ तो CBI करेगी जांच

Wed, 20 Dec 2023 10:51 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

हाईकोर्ट ने एक अन्य बेंच के समक्ष लंबित मामले का हवाला देते हुए कहा कि उस मामले में पॉक्सो एक्ट में सजा काट रहा आरोपी जेल में बंद था। जेल में रहते हुए वह पीड़िता को वहां का वीडियो भेज रहा था। इस प्रकार की परिस्थितियां हैं तो इससे बुरा और कुछ नहीं हो सकता। 
 
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लॉरेंस बिश्नोई - फोटो : social media
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विस्तार
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लॉरेंस बिश्नोई के हिरासत में इंटरव्यू मामले की जांच पर हाईकोर्ट ने कई सवाल उठाए हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि जांच में कई खामियां हैं, हम संतुष्ट नहीं हैं। आगे की जांच को जरूरी बताते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बुधवार को पंजाब सरकार व एमिकस क्यूरी को एसआईटी गठित करने के लिए आईपीएस अधिकारियों के नाम का सुझाव सौंपने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि यदि मामला इंटर स्टेट पाया जाता है तो जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी।

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सुनवाई के दौरान पंजाब के एडीजीपी जेल से हाईकोर्ट ने पूछा कि आठ माह की जांच के बाद भी इंटरव्यू के स्थान का पता क्यों नहीं लगाया जा सका है। एडीजीपी ने कहा कि सीआरपीसी के तहत शक्तियों के अभाव में उनके अधिकार सीमित थे। कमेटी ने जांच के बाद दोनों इंटरव्यू के लिए एफआईआर दर्ज कर जांच करने की सिफारिश की है। 

हाईकोर्ट ने कहा कि अभी तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आए हैं और इंटरव्यू पंजाब में होने की संभावना से पूरी तरह से इन्कार नहीं किया गया है। ऐसे में अब सरकार बताए की क्यों न हाईकोर्ट एक एसआईटी बनाकर इसकी आगे जांच करवाए। कोर्ट का सहयोग कर रही एडवोकेट तनु बेदी ने कहा कि जांच पंजाब के बाहर के पुलिस अधिकारियों को देनी चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा कि पंजाब पुलिस में कई बेहतरीन अधिकारी हैं जो जांच करने में सक्षम हैं।
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जांच सवालों के घेरे में एडवोकेट तनु बेदी ने कहा कि जांच में कई खामियां थी और सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद लॉरेंस बिश्नोई का इंटरव्यू, वह किस-किस जेल में कब-कब रहा उसकी जांच की जा सकती थी। इंटरव्यू में लॉरेंस ने सलमान खान को भी धमकी दी थी। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने एडीजीपी जेल से पूछा की इंटरव्यू के बाद जेल से उगाही की कॉल में बढ़ोतरी हुई है या नहीं। सरकार ने बताया लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ कुल 69 एफआईआर लंबित हैं।

अभी तक इंटरनेट पर क्यों मौजूद है इंटरव्यू
बेदी ने कहा कि लॉरेंस का इंटरव्यू अभी तक इंटरनेट पर मौजूद है, जिसे लाखों लोग देख चुके हैं। इसमें हजारों की संख्या में कमेंट मौजूद हैं जो लॉरेंस की तारीफ से जुड़े हैं। ऐसे इंटरव्यू का इंटरनेट पर मौजूद होना युवाओं के बीच गलत संदेश प्रसारित कर रहा है। हाईकोर्ट ने इसपर पंजाब सरकार से पूछा है कि इसे इंटरनेट से हटाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। यदि ऐसा नहीं किया गया तो हम चैनल व यूट्यूब को पार्टी बनाकर आदेश जारी कर देंगे।

जेल से आरोपी पीड़ित को भेज रहा वीडियो, इससे बुरा कुछ नहीं हो सकता
हाईकोर्ट ने एक अन्य बेंच के समक्ष लंबित मामले का हवाला देते हुए कहा कि उस मामले में पोक्सो एक्ट में सजा काट रहा आरोपी जेल में बंद था। जेल में रहते हुए वह पीड़िता को वहां का वीडियो भेज रहा था। इस प्रकार की परिस्थितियां हैं तो इससे बुरा और कुछ नहीं हो सकता। ऐसे में अगली सुनवाई पर जेल अधीक्षकों पर कार्रवाई का ब्योरा भी सौंपा जाए।

तकनीकी विशेषज्ञों की मदद लेगी पंजाब पुलिस
एडीजीपी ने बताया कि जेलों में सिग्नल रोकने के लिए वे आईआईटी रोपड़ की मदद ले रहे हैं। इस दौरान पेक के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग के एसोसिएशन प्रोफेसर सिमरनजीत सिंह कोर्ट के आदेश पर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि हर जनरेशन की फ्रिक्वेंसी के मोबाइल सिग्नल को रोकने के लिए अलग-अलग जैमर जरूरी हैं। हाईकोर्ट ने अब एडीजीपी को आईआईटी रोपड़ के साथ पेक की सहायता लेने का भी आदेश दिया था।

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