कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
- फोटो : एएनआई
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह के खिलाफ लंबित आयकर के एक मामले के ट्रायल पर रोक लगाने की आयकर विभाग ने हाईकोर्ट से मांग की है। जस्टिस एचएस सिद्घू ने केस से खुद को अलग करते हुए सुनवाई के लिए नई बेंच गठित करने के लिए याचिका चीफ जस्टिस को रेफर कर दी। साथ ही आदेश दिया कि इस केस की सुनवाई के लिए नई बेंच गठित न होने तक ट्रायल कोर्ट सुनवाई न करे।
24 अप्रैल 2017 को लुधियाना की ट्रायल कोर्ट ने आयकर से जुड़े मामले में कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणइंदर सिंह को समन किया था। समन आदेश को चुनौती देने वाली याचिका को स्वीकार करते हुए एडिशनल सेशन जज ने 27 नवंबर 2018 को समन आदेश रद्द कर दिया था।
अप्रैल 2019 में इस समन आदेश को चुनौती देते हुए आयकर विभाग ने कहा कि गलत तथ्यों के आधार पर समन रद्द किया गया है। हाईकोर्ट में अभी याचिका लंबित है और निचली अदालत में केस का ट्रायल भी जारी है। आयकर विभाग ने कहा कि यदि ट्रायल कोर्ट ने इस केस पर अंतिम फैसला सुना दिया तो हाईकोर्ट में लंबित यह याचिका आधारहीन हो जाएगी।
विभाग ने अपील की है कि जब तक उनकी याचिका लंबित है तब तक ट्रायल कोर्ट को आगे सुनवाई से रोका जाए। जस्टिस एचएस सिद्धू ने इस याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग करते इसे अन्य बेंच को रेफर कर दिया। साथ ही ट्रायल कोर्ट को आदेश दिया कि जब तक हाईकोर्ट में इस याचिका पर सुनवाई नहीं हो जाती है तब तक वह आगे सुनवाई न करें। अब चीफ जस्टिस के आदेश के बाद इस याचिका पर हाईकोर्ट की अन्य बेंच सुनवाई करेगी।