पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट चंडीगढ़
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पंजाब के थानों में मानवाधिकारों का उल्लंघन न हो इसके लिए वहां की सीसीटीवी फुटेज की मॉनिटरिंग के लिए राज्य व जिला स्तर पर कमेटी गठित करने को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने डीजीपी को हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि समिति वरिष्ठ अधिकारियों वाली हो।
हाईकोर्ट ने डीजीपी को आदेश दिया है कि वह बताएं कि क्या प्रत्येक जिले के सभी पुलिस स्टेशनों, सीआईए कार्यालयों, पुलिस चौकियों में सीसीटीवी सिस्टम स्थापित किए गए हैं। क्या सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं, पुलिस स्टेशन के पीछे के क्षेत्र में, पुलिस स्टेशन के मुख्य द्वार, हॉल, शौचालय के बाहर और खुले पुलिस स्टेशन परिसर में, सभी लॉकअप, सभी हॉल, लॉबी, रिसेप्शन क्षेत्र, बरामदे और कमरों में जिनका प्रयोग पुलिस अधिकारियों द्वारा किया जाता है वहां सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
हाईकोर्ट ने यह भी पूछा है कि क्या सीसीटीवी फुटेज प्रणाली नाइट विजन से सुसज्जित है और इसमें ऑडियो के साथ-साथ वीडियो फुटेज भी शामिल है या नहीं। बिजली की विफलता के मामले में सीसीटीवी प्रणाली को आपूर्ति के लिए क्या व्यवस्था की गई है। क्या केंद्रीय सर्वर में सीसीटीवी फुटेज की रिकॉर्डिंग के लिए कोई प्रावधान किया गया है, जिसे जिले के साथ-साथ राज्य स्तर पर भी रखा जा सके और क्या डीवीआर में डाटा केवल ऑफलाइन मोड में ही स्टोर किया जाता है या इसके अलावा ऑनलाइन स्टोरेज की भी कोई व्यवस्था की गई है। हलफनामे में यह भी बताना होगा कि क्या रिकॉर्डिंग उपकरण कम से कम 18 महीने की रिकॉर्डिंग स्टोर करने में सक्षम हैं।
यह था मामला
कपूरथला की शीलो और मंगत राम ने याचिका दाखिल करते हुए हाईकोर्ट से एनडीपीएस के मामले में नियमित जमानत की मांग की थी। याचिका में जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी या स्वतंत्र एजेंसी को सौंपने की अपील की गई थी और पुलिस पर इस मामले में उन्हें फंसाने का आरोप लगाया था। हाईकोर्ट ने थाने में महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज की अनुपलब्धता को देखते हुए डीजीपी को अब व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने को कहा है।