हरियाणा के समालखा से कांग्रेस विधायक धर्म सिंह छोकर के खिलाफ मनी लॉंड्रिंग के मामले में जारी गिरफ्तारी के वारंट को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने नौ अक्तूबर तक अमल में न लाने का आदेश दिया है। साथ ही छोकर की वारंट के खिलाफ अर्जी पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया है और याची को प्रतिदिन जांच में शामिल होने के लिए ईडी के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है।
मुख्य याचिका में छोकर ने बताया कि ईडी ने बीते दिनों उनके गुरुग्राम, दिल्ली व पानीपत में मौजूद आवास पर छापा मारा था। मामला गुरुग्राम में जनवरी 2021 में दर्ज एक एफआईआर से जुड़ा हुआ है। इस मामले में याची, उसके बेटों व अन्य पर धोखाधड़ी व ठगी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी।
शिकायत के आधार पर करोड़ों की ठगी के मामले में जांच की जा रही थी और इसी क्रम में ईडी ने यह कार्रवाई की थी। छोकर ने इस मामले से अपना कोई लेना देना न होने व इस कार्रवाई की राजनीतिक रंजिश का नतीजा बताते हुए एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। सिंगल बेंच ने इस मामले को खंडपीठ के समक्ष भेज दिया था।
इस मामले में अब अर्जी दाखिल कर छोकर ने ईडी के गिरफ्तारी वारंट को रद्द करने की मांग की। इस मांग का विरोध करते हुए ईडी ने कहा कि गिरफ्तारी के वारंट पर अमल न करने का आदेश एक तहत से अंतरिम जमानत जैसा होगा जो मनी लॉंड्रिंग एक्ट के तहत इस अदालत द्वारा संभव नहीं है। हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अब छोकर को जांच में शामिल होने के लिए रोजाना ईडी के समक्ष पेश होने का आदेश दिया है।