वर्ष 2022 में पंजाब सरकार की ओर से जिन 10.77 लाख राशन कार्ड को फर्जी बताते हुए रद्द कर दिया था, उन्हें बहाल करने के खिलाफ पंजाब-हरियाण हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिकाकर्ता अनिल कुमार तायल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर बताया है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान की बात कहते हुए 10.77 लाख राशन कार्ड रद्द किए गए थे। सरकार की दलील थी कि यह सभी राशन कार्ड फर्जी थे। अब सरकार ने इन सभी को बहाल करने का निर्णय ले लिया है।
हाईकोर्ट को बताया गया कि इन सभी को बहाल करने से पहले न तो कोई जांच की गई है और न ही कोई पड़ताल। पंजाब सरकार का यह निर्णय आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए लिया गया है, ताकि इसका चुनावी लाभ लिया जा सके। याची पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश जारी किया है।