वर्ष 2016-17 के आयकर के गलत मूल्यांकन के खिलाफ अपील खारिज करने के आयकर आयुक्त के फैसले को नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
नवजोत सिंह सिद्धू ने याचिका में बताया कि उन्होंने 2016-17 का आयकर 9 करोड़ 66 लाख 28 हजार 470 रुपये की आमदनी के अनुसार 19 अक्तूबर 2016 को जमा करवा दिया था। उन्हें तब हैरानी हुई जब आयकर विभाग ने 13 मार्च, 2019 को उनकी आमदनी 13 करोड़ 19 लाख 66 हजार 530 रुपये बताते हुए आय में 3 करोड़ 53 लाख 38 हजार रुपये और जोड़ दिए।
सिद्धू ने आयकर विभाग की इस कार्रवाई को आयकर आयुक्त के समक्ष अपील के माध्यम से चुनौती देते हुए इसे ठीक करने की मांग की थी। आयुक्त ने 27 मार्च, 2021 को उनकी इस याचिका को खारिज कर दिया। आयुक्त के इसी फैसले के खिलाफ अब सिद्धू ने हाईकोर्ट शरण ली है और फैसले को खारिज करने की मांग की है। याची ने कहा कि बेहद मामूली आधार पर आयुक्त ने याचिका को खारिज किया है। आईटी एक्ट की धारा-264 के तहत केवल विशेष परिस्थिति में ही इस प्रकार की याचिका खारिज की जा सकती है।