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बेअदबी मामला: सीबीआई से जांच वापस लेने के विधानसभा के फैसले को हाईकोर्ट में दी गई चुनौती

Thu, 01 Nov 2018 09:06 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
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बेअदबी मामले में बाजाखाना और कोटकपूरा में दर्ज एफआईआर की जांच सीबीआई से वापस लेकर एसआईटी को सौंपने के पंजाब विधान सभा में पारित प्रस्ताव को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। इसके बाद हाईकोर्ट ने पंजाब विधान सभा स्पीकर, गृह सचिव, डीजीपी और सीबीआई को 2 नवंबर के लिए नोटिस जारी कर जवाब जवाब तलब कर लिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने एसआईटी से जांच की स्टेटस रिपोर्ट तलब करते हुए निर्देश दिया कि हाईकोर्ट की मंजूरी के बिना अंतिम रिपोर्ट किसी भी अदालत में न पेश की जाए।

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पूर्व एसएसपी चरणजीत शर्मा व शमशेर सिंह ने एडवोकेट संतपाल सिद्धू के माध्यम से याचिका दाखिल करते हुए बताया कि बेअदबी मामले में कोटकपूरा में 7 अगस्त 2015 और 14 अक्तूबर 2015,  बाजाखाना में 14 अक्तूबर 2015 और फिर 21 अक्तूबर 2015 में कुल 4 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इसी वर्ष 24 अगस्त को जांच सीबीआई को सौंपी गई थी लेकिन चार दिन बाद ही नोटिफिकेशन वापस लेते हुए जांच एसआईटी को सौंपने का विधान सभा में प्रस्ताव पास कर दिया।

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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
 याची ने कहा कि पिछली सरकार ने जांच के लिए रिटायर्ड जस्टिस जोरा सिंह आयोग का गठन किया था तथा वर्तमान सरकार ने रणजीत सिंह आयोग। दोनों में याचिकाकर्ता सहित कई अन्य अधिकारियों को आरोपी बनाया गया। अब सरकार ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए इन मामलों की जांच सीबीआई की बजाय एसआईटी से करवाने का निर्णय लिया है जो कानूनी तौर पर गलत है। सीबीआई जांच की नोटिफिकेशन कर इसे विधान सभा वापस नहीं ले सकती।

विधानसभा में पास प्रस्ताव का हाईकोर्ट को है जूडिशियल रिव्यू का अधिकार
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा कि यह विधान सभा का निर्णय है, इसमें हाईकोर्ट कैसे दखल दे सकता है। याचिकाकर्ता ने राजाराम बनाम लोक सभा स्पीकर के मामले में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा कि विधायिका के निर्णय की न्यायिक वैधता पर न्यायपालिका रिव्यू कर सकती है। याची से सहमति जताते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि विधान सभा में जो निर्णय लिया गया है उस पर हाईकोर्ट सुनवाई कर सकता है।
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