मामले की सुनवाई पर पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना था कि मृत महिला की मौत के संबंध में दो अलग-अलग पक्ष सामने आए हैं। मामले की पूरी तरह से जांच करने के लिए एक स्वतंत्र जांच एजेंसी की सहायता की आवश्यकता है। हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है, इसलिए अब जांच सीबीआई को सौंपने से कोई उपयोगी उद्देश्य पूरा नहीं होगा।
हाईकोर्ट ने दलील को खारिज करते हुए कहा कि सरकार की ओर से दायर किया गया जवाब संतोषजनक न होकर टालमटोल करने वाला है। सीबीआई के वकील ने इस मामले में कहा कि अगर अदालत उन्हें जांच सौंपती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि दोनों एफआईआर का पूरा रिकॉर्ड सीबीआई को सौंप दिया जाए और सीबीआई इस मामले की जांच कर अगली सुनवाई तक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे।