10 नवंबर को इस मामले में हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद एसईआईएए ने हाईकोर्ट को विश्वास दिलाया था कि वह इजाजत के अपने आदेश को वापस ले रहे हैं। इसके बाद आदेश वापस ले लिए गए और पंजाब में खनन सामग्री की कमी होती चली गई। इस मामले में पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट से अनुमति वापस लेने के आदेश को रद्द करने की मांग की थी।
लोगों को मिलेगी राहत, खनन सामग्री के गिरेंगे दाम
खनन पर रोक के चलते निर्माण सामग्री के दाम पंजाब में आसमान छूने लगे थे। सरकार के पास प्रदेश के बड़े प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सामग्री का अभाव होने लगा था। अब आखिरकार सरकार ने प्रयास तेज किए और इसका नतीजा यह रहा है कि एक और जिले में उन्हें खनन की अनुमति मिल गई है। इससे लोगों को राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है। बाकी जिलों की रिपोर्ट तैयार होने और मंजूरी के बाद रेत और बजरी के दाम तेजी से नीचे आना तय है।
विवादित टेंडर सरकार ने लिए वापस
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि 274 स्थानों पर खनन के लिए पंजाब सरकार ने टेंडर जारी किए थे। बिना जिला सर्वे रिपोर्ट जारी इन टेंडरों के खिलाफ याचिका दाखिल की गई थी और हाईकोर्ट ने टेंडरों पर रोक लगा दी थी। अब सरकार ने इन टेंडरों को वापस लेने का निर्णय लिया है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने उस याचिका का निपटारा कर दिया।
सरहद पर खनन को लेकर जारी रहेगी रोक
भारत-पाक सीमा पर पैदा हुए सुरक्षा के खतरे के कारण हाईकोर्ट पठानकोट में अंतराष्ट्रीय सीमा पर खनन पर रोक लगा चुका है। हाईकोर्ट ने सरकार ने मंजूरी के बाद खनन की अनुमति तो दे दी है लेकिन सरहद से लगते स्थानों पर खनन नहीं होगा। इस संबंध में एक याचिका विचाराधीन है।