सड़कों पर लावारिस पशुओं के कारण बढ़ते हादसों पर रोक लगाने के लिए उचित कदम उठाने के निर्देश देने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आंकड़ों पर चिंता जताई है। हाईकोर्ट ने अब पशुओं के चलते होने वाले सड़क हादसों को रोकने के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा सौंपने का पंजाब सरकार को आदेश दिया है।
बठिंडा एसोसिएशन ऑफ एनजीओ के सचिव साधु राम ने एडवोकेट सरदाविंदर गोयल के माध्यम से याचिका दायर कर कहा कि नेशनल और स्टेट हाइवे खासतौर पर ग्रामीण इलाकों से होकर गुजरने वाली सड़कों पर लावारिस पशुओं के कारण सड़क हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। इन हादसों में कई लोगों की ही नहीं बल्कि इन लावारिस पशुओं की भी जाने गई है।
लावारिस पशुओं को गोशाला या कैटल पाउंड में रखा जाना चाहिए। इससे न केवल सड़कें सुरक्षित होंगी बल्कि साथ ही इन पशुओं की भी बेहतर देखभाल की जा सकेगी। याची ने बताया कि इस मांग को लेकर याचिकाकर्ता संस्था ने पंजाब सरकार को कई बार रिप्रेजेंटेशन भी दी लेकिन कार्रवाई नहीं की।
बठिंडा का उदाहरण देते हुए याची ने बताया था कि 26 अगस्त से 19 सितंबर 2018 के बीच लावारिस पशुओं के कारण 36 सड़क हादसे हुए जिनमें चार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। ऐसा ही हाल अन्य जिलों का भी है। ऐसे में इन आवारा पशुओं को गौशाला में रखा जाए, जहां इनकी पूरी देखभाल की जाए। इसके साथ ही पंजाब के पशुपालन विभाग को यह निर्देश दिए जाने की अपील की गई कि सभी लावारिस पशुओं का समय पर टीकाकरण हो ताकि इनके कारण कोई बीमारी न फैसले। हाईकोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार सहित अन्य पक्षों को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।