याचिकाकर्ता और उनके सहमति संबंध पार्टनर ने एक लिखित समझौता किया और 13 सितंबर को ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ डीड करवाई। इसके अनुसार दोनों ने यह घोषणा की कि वे स्वतंत्र सहमति और पूर्ण समझ से संबंध में रहेंगे। आगे इस बात पर सहमत होंगे कि वे भविष्य में एक-दूसरे के खिलाफ अदालती कार्रवाई अर्थात दुराचार, घरेलू हिंसा या किसी अन्य वैवाहिक विवाद का मामला शुरू नहीं करेंगे।
याचिकाकर्ता और उसके सहमति संबंध पार्टनर के अनुसार, अब महिला का परिवार और उसका पति उनके रिश्ते के खिलाफ हैं और धमकी दे रहे हैं। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि चूंकि वह अभी भी दिनेश की पत्नी है। उसने सिरसा पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी।
हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि ‘लिव-इन रिलेशनशिप’ डीड बनवाने से इसे वैध नहीं माना जा सकता। यह सब व्यभिचारिणी आचरण को दर्शाता है। हाईकोर्ट ने पाया कि महिला के जीवन को कोई खतरा नहीं है, क्योंकि यह अपवित्र गठबंधन है। इसको कानूनी कवर प्रदान करने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है, जो कानूनी अधिकार का दुरुपयोग है।
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए महिला को 25,000 रुपये का जुर्माना लगाते हुए जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण, सिरसा में जमा करवाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सिरसा को आदेश दिया कि महिला से यह राशि वसूली और जमा करना सुनिश्चित करे।