याची ने कहा कि इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है इसकी जांच हाईकोर्ट के वर्तमान जज को सौंपी जाए। साथ ही भविष्य में इस प्रकार के हादसे न हो इसके लिए एक कमेटी गठित की जाए जो दिशा निर्देश तैयार करे। इसके साथ ही प्रशासन को पिछले पांच साल में वृक्षों का रखरखाव, लोगों के लिए खतरनाक वृक्षों की पहचान से जुड़ा आंकड़ा सौंपने का आदेश दिया जाए।
प्रशासन ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि शहर के सभी स्कूलों में मौजूद वृक्षों की जांच की गई है। इसके साथ ही यह भी बताया कि इस हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है उसकी जांच के लिए हाईकोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई गई है। मृतक बच्ची के परिवार को 20 लाख, गंभीर रूप से घायल बच्चों के परिवार को 10 लाख व मामूली तौर पर जख्मी बच्चों के परिवार को एक लाख रुपये देने का निर्णय लिया गया है।
हाईकोर्ट ने इस पर कहा कि पिछली सुनवाई पर आपसे हेरिटेज वृक्षों के रखरखाव के बारे में जवाब मांगा गया था जिसका इस हलफनामे में जिक्र नहीं है। कोर्ट ने कहा कि वो हेरिटेज वृक्ष जो प्राइवेट प्रॉपर्टी पर हैं उनके रखरखाव के बारे में हलफनामे में कुछ नहीं है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार आंखों में धूल झोंकने का प्रयास न किया जाए। इस पर यूटी प्रशासन ने हाईकोर्ट से जवाब के लिए मोहलत मांगी। हाईकोर्ट ने प्रशासन को मोहलत देते हुए सुनवाई स्थगित कर दी।