गुरमीत राम रहीम को हाईकोर्ट से राहत
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरमीत राम रहीम सहित को रणजीत सिंह हत्याकांड में बरी करते हुए हरियाणा पुलिस व सीबीआई की जांच को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया। एक ओर तो हाईकोर्ट ने इस मामले के मीडिया ट्रायल पर सवाल उठाए। वहीं, आदेश में कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि मीडिया की चकाचौंध से जांच अधिकारी प्रभावित हो गए थे।
हाईकोर्ट ने 163 पन्ने के आदेश में पुलिस और सीबीआई की जांच की पूरी प्रक्रिया को ही सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जिस गन से फायर होने की बात कही गई वह घटना के समय शस्त्रागार में जमा थी। इस गन के बारे में बैलेस्टिक रिपोर्ट कहती है कि इससे घटना को अंजाम नहीं दिया गया। अपराध में इस्तेमाल की गई कार को भी बरामद नहीं किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गाड़ी में चार लोग फायर कर रहे थे तो बाकी के तीन हथियार कहां हैं।
हाईकोर्ट ने कहा कि कशिश रेस्टोरेंट जहां यह घटना हुई वहां के मालिक या कर्मियों के बयान ही नहीं हुए। इस मामले में जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की गई थी वह भी पूरी तरह से अधूरी थी। ऐसे में हाईकोर्ट ने इस मामले में जांच में खामी के लिए दोनों एजेंसियों को सवाल के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि जांच अस्पष्ट थी और पेश किए गए साक्ष्य विश्वसनीय नहीं थे। इन सभी को आधार बनाते हुए हाईकोर्ट ने पांचों आरोपियों की याचिका मंजूर करते हुए उन्हें दोषमुक्त कर दिया।