छह जून को ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार की 33वीं बरसी को देखते हुए, अमृतसर समेत पंजाब के विभिन्न भागों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई गरमपंथी संगठनों द्वारा बरसी मनाए जाने के एलान के बाद राज्य में सीआरपीएफ, आईटीबीपी व आरएएफ समेत अर्द्धसैनिक बलों की 15 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। यह जानकारी शनिवार को राज्य के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने दी। उन्होंने कहा कि राज्य में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
डीजीपी के मुताबिक अर्द्धसैनिक बलों की सात कंपनियां अमृतसर में तैनात की गई हैं जबकि बाकी आठ कंपनियों को लुधियाना, जालंधर, फगवाड़ा, मोहाली, बटाला और सीमांत जिलों पठानकोट व गुरदासपुर में तैनात किया गया है। अरोड़ा ने कहा कि इन कंपनियों के अलावा राज्य पुलिस ने अपने आंतरिक साधनों से अतिरिक्त सुरक्षा बल की व्यवस्था भी की है। असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण के लिए पंजाब पुलिस की ओर से विभिन्न स्थानों पर वाहनों की चेकिंग की जा रही है।
अमृतसर के पुलिस कमिश्नर एसएस श्रीवास्तव ने बताया कि केवल अमृतसर में ही करीब 5000 जवान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को तैनात किए गए हैं। यहां पांच कंपनियां सीआरपीएफ व आईटीबीपी की और दो कंपनियां आरएएफ की लगाई गई हैं। इसके अलावा विशेष स्थानों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। गोल्डन टेंपल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। इसके अलावा गोल्डन टेंपल के भीतर एसजीपीसी की टास्क फोर्स नजर रख रही है।
पहले हो चुकी हैं हिंसक घटनाएं
पंजाब में सुरक्ष्ाा कड़ी
गोल्डन टेंपल में 6 जून, 2015 को जब ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार की बरसी मनाने के लिए लोग जमा हुए तो उस दौरान विभिन्न गुटों के बीच हिंसक झड़पों में पांच युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सिखों युवाओं के एक ग्रुप ने अकाल तख्त के पास गोल्डन टेंपल की परिक्रमा में खालिस्तान समर्थक नारे लगाए थे, जिससे माहौल गरमा गया था। पिछले साल भी 6 जून को गोल्डन टेंपल परिसर में अकाल तख्त के पास खालिस्तान समर्थन नारे लगाए गए थे।
दल खालसा ने किया है अमृतसर बंद का आह्वान
उल्लेखनीय है कि कट्टरपंथी संगठन दल खालसा ने छह जून को अमृतसर बंद का आह्वान किया है। दल खालसा और उसके जैसे संगठनों ने गुरुद्वारा रणजीत एवन्यू से मार्च शुरू कर अकाल तख्त तक जाने का एलान भी किया है। हालांकि एसजीपीसी ने इन संगठनों को ऑपरेशन ब्ल्यू स्टार की बरसी शांतिपूर्ण ढंग से मनाने का आह्वान किया है।