हीरो और एवन साइकिल्स ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा
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विश्व की अग्रणी साइकिल निर्माता कंपनी हीरो साइकिल्स लिमिटेड ने ए-वन साइकिल लिमिटेड को कोर्ट में घसीटा है। मामला साइकिल का डिजाइन कॉपी करने का है। लुधियाना की अदालत में केस दर्ज किया गया है, जिसकी अगली सुनवाई 31 मई को होगी और अदालत ने एवन साइकिल्स को समन जारी कर दिया है। इसी के साथ ही दो दिग्गज साइकिल निर्माता कंपनियों की कारोबारी जंग अब खुल कर बाहर आ गई है। इसे लेकर साइकिल उद्योग में बेचैनी व्याप्त है।
हीरो साइकिल्स ने जिला अदालत में इंटेलेक्चुअल प्राप्र्टी राइट्स (आईपीआर) के तहत हीरो साइकिल के रजिस्टर्ड डिजाइन आरएक्स-1 को कापी करने का आरोप लगाते हुए केस किया है। हीरो के सीएफओ एवं कंपनी सेक्रेटरी भरत गोयल का कहना है कि पहले इस बाबत एवन साइकिल को नोटिस जारी किया गया था, लेकिन उपयुक्त जवाब न मिलने के कारण ही अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है।
गोयल का कहना है कि हीरो के पापूलर साइकिल माडल आरएक्स-1 को एवन साइकिल ने कापी कर उसका नाम एक्स ट्रैक रखा है। इससे आईपीआर कानूनों का उल्लंघन हो रहा है। हीरो ने इस साइकिल को लंबी रिसर्च के बाद बाजार में उतारा था।
उधर एवन साइकिल्स लिमिटेड के चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर ओंकार सिंह पाहवा का कहना है कि उनके साइकिल एक्स ट्रैक के नौ से दस फीचर अलग हैं। इस संबंध में हीरो के एमडी एसके राय से भी बातचीत की गई थी। इसके बाद एवन ने अपने मॉडल को बाजार से भी हटा लिया था। बावजूद इसके अदालत का नोटिस आना उचित नहीं है। पाहवा ने कहा कि इस संबंध में हीरो से बातचीत की जा रही है, यदि बात न बनी तो अदालत में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
साइकिल उद्योग में आज ब्लैक डे:विश्वकर्मा
उधर यूनाइटेड साइकिल एंड पाट्र्स मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के प्रधान चरणजीत सिंह विश्वकर्मा का क हना है कि साइकिल इंडस्ट्री के लिए आज ब्लैक डे है। साइकिल उद्योग पहले ही दोराहे पर खड़ा है। एक तरफ आर्थिक मंदी और दूसरी तरफ बढ़ते आयात से उद्योग के समक्ष खतरा मंडरा रहा है। इन चुनौतियों का मिल कर ही मुकाबला किया जा सकता है। ऐसे में देश की दो दिग्गज कंपिनयों का अदालत में जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
यूपीपीएमए के प्रतिनिधिमंडल ने आज एवन साइकिल्स लिमिटेड के सीएमडी ओंकार सिंह पाहवा से मुलाकात करके उनको समझाया है। अब कल एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल हीरो साइकिल्स लिमिटेड के सीएमडी पंकज मुंजाल से मुलाकात करेगा। साइकिल एसोसिएशन का प्रयास है कि दोनों को समझा कर इस मुश्किल का हल निकाला जाए।