मनीमाजरा इलाके से हैपेटाइटिस-ई के पांच केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग के होश उड़ गए हैं। स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम ने हैपेटाइटिस के सोर्र्स ढूढ़ने के लिए किशनगढ़, आईटी पार्क, मनीमाजरा और मौलीजांगरा के करीब ढाई हजार घरों की जांच की गई।
इनमें दो केस मौलीजांगरा व तीन केस मनीमाजरा के हैं। इन इलाकों में जांच के दौरान लोगों से बातचीत की गई। उनके पानी के कंटेनर देखे गए। जांच में हैपेटाइटिस के तीन प्रमुख कारण निकलकर सामने आए हैं। इसमें मुख्य रूप से इलाके के लोग जिस कंटेनर में पानी भरकर रख रहे हैं, वे काफी गंदे हैं, जिससे पानी दूषित हो सकता है। दूसरा कारण, कुछ लोगों ने डायरेक्ट पाइपलाइन से कनेक्शन ले रखे हैं, उससे संक्रमण फैलने की आशंका है।
तीसरा सड़क के किनारे दूषित खाद्य पदार्थ बिक रहे हैं। इसमें बर्फ की सिल्ली भी शामिल है। विभाग ने मुख्य पाइप लाइन के पानी के सैंपल भी लिए। वे भी जांच में ठीक पाए गए हैं। बाद में जब कंटेनर के सैंपल लिए गए तो वे फल हो गए। उसके बाद चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान किशनगढ़ और मनीमाजरा में सड़क के किनारे ढाबों की भी जांच की, जहां भी दूषित खाद्य पदार्थ मिले, उन्हें भी फिंकवा दिया गया। इस दौरान लोगों को समझाया भी जा रहा है कि वे दूषित कंटेनर में पानी न भरें।
बारिश के मौसम में बढ़ सकती है परेशानी
विशेषज्ञों ने बताया है कि यदि लोगों ने बात नहीं मानी तो बारिश के मौसम में हालात बिगड़ सकते हैं। बारिश के दिनों में संक्रमण फैलने के चांस ज्यादा होते हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत वहां पर आ रही है, जहां पर मुख्य पाइप लाइन से लोगों ने डायरेक्ट कनेक्शन ले रखे हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे मुख्य पाइप लाइन से कनेक्शन न जोड़े।
पानी उबालकर पीएं
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मौलीजागरां, मनीमाजरा, हल्लोमाजरा, फैदां में दूषित पानी आ रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे पानी उबालकर पीएं और गंदे कंटेनर में पानी भरकर न रखें।