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ब्रेन स्ट्रोक आए तो तुरंत पीजीआई का ये नंबर मिलाएं

Fri, 25 Apr 2014 12:59 AM IST
आशीष वर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
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ब्रेन स्ट्रोक के बाद चार घंटे सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। यदि इस घंटे में मरीज डॉक्टर तक पहुंच जाए तो बीमारी को ठीक किया जा सकता है।
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पीजीआई के न्यूरोलॉजी विभाग ने इस गंभीरता को ध्यान में रखते हुए एक नया अलर्ट नंबर 8871500500 जारी किया है। यदि किसी को ब्रेन स्ट्रोक आता है तो इस नंबर पर सूचना देने से पीजीआई की टीम अलर्ट हो जाएगी।

यह नंबर नर्स के पास रहेगा। नर्स मरीज के परिजनों को गाइड कर देगी और विभाग को अलर्ट कर देगी। सूचना मिलते ही विभाग के डाक्टर व उनकी यूनिट अपनी तैयारी पूरी कर लेगी।
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पीजीआई में मरीज के आते ही टीम अपने काम में जुट जाएगी। रुटीन प्रक्रिया में मरीज के दाखिल होने पर काफी समय लगता है, जबकि यही समय ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों के लिए काफी उपयोगी होता है।

दाखिल मरीज के लिए अलग से कोड सिस्टम
पिछले साल अक्तूबर में न्यूरोलॉजी विभाग ने 333 कोड स्ट्रोक नाम का एक नया सिस्टम लांच किया था। इसके मुताबिक जब इमरजेंसी व पीजीआई के किसी ब्लाक में एडमिट मरीज को यदि स्ट्रोक  आ जाए तो संबंधित डाक्टरों को मरीज के बारे में मैसेज दे पाना मुश्किल होता है।

एक-एक करके उन्हें फोनकर सूचना दी जाती है। इससे काफी समय बर्बाद हो जाता था। इस कोड सिस्टम के तहत जैसे ही मरीज को ब्रेन स्ट्रोक आएगा तो हेल्थ वर्कर या नर्स लैंडलाइन फोन से 333 नंबर मिलाएगा और स्ट्रोक टीम से संबंधित न्यूरोलाजिस्ट, न्यूरोडायलोलाजिस्ट व स्पेशलिस्ट नर्स के पास मैसेज पहुंच जाएगा।
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मैसेज पहुंचते ही टीम अलर्ट हो जाएगी और सभी मरीज के पास पहुंच जाएंगे। यह सुविधा भी पूरे देश में कहीं नहीं है। विदेशों में एक से दो हास्पिटलों में यह सुविधा है।
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