दो दिन की भीषण गर्मी के बाद बुधवार को ट्राइसिटी में बारिश से लोगों को राहत मिली। चंडीगढ़ डेढ़ घंटे में 31.4 एमएम पानी बरसने से कई इलाकों में लोगों के घरों में पानी भर गया। सड़कें और चौक-चौराहे जलमग्न हो गए। इंडस्ट्रियल एरिया और सेक्टर-15/11 के अंडरपास में पानी भर गया। पहली बार पीजीआई का स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम भी जवाब दे गए और नेहरू अस्पताल में पानी भर गया। यहां पंप लगाकर पानी निकालना पड़ा। सड़कों पर पानी भरने से शाम को यातायात प्रभावित हुआ और कई इलाकों में जाम भी लगा।
पंचकूला में दोपहर तीन बजे के बाद हल्की बारिश हुई जिससे मौसम सुहाना हो गया। वहीं, मोहाली के भी कई इलाकों में बारिश हुई। वहीं, चंडीगढ़ में बुधवार शाम हुई तेज बारिश पीजीआई के नेहरू अस्पताल के लिए आफत बन गई। अस्पताल के भूमि तल पर पानी भर गया। पीजीआई प्रशासन के अनुसार, स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम में गड़बड़ी के कारण अचानक पानी बैक फ्लो मारने लगा। इसके कारण देखते ही देखे काफी ज्यादा पानी अस्पताल और आसपास के क्षेत्र में भर गया। वहीं, नेहरू अस्पताल के भूमितल के लगभग सभी विभागों में पानी भर जाने के कारण काफी नुकसान भी हुआ। अनहोनी की आशंका पर पीजीआई प्रशासन ने इलेक्ट्रिकल व इंजीनियरिंग विभाग के आला अधिकारियों समेत कर्मचारियों को पूरी रात ड्यूटी पर तैनात रहकर स्थिति को संभालने का निर्देश दिया है।
साथ ही भूमितल के विभागों में लगाए गए उपकरण व बैटरी को अन्य जगह शिफ्ट किया गया ताकि कोई अनहोनी न हो। रेडियोथेरेपी और रेडियोडायग्नोसिस विभागों में कुछ उच्च तकनीक वाले उपकरणों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है।
ए और सी ब्लॉक में स्थिति ज्यादा खराब
पीजीआई प्रशासन के अनुसार, बारिश का पानी अंदर आने के कारण ए और सी ब्लॉक में ज्यादा परेशानी हुई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सैनिटेशन, इंजीनियरिंग और हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी व कर्मचारियों ने घंटों मिलकर मशक्कत की। वहीं, रात में बारिश की संभावना को देखते हुए टैंकर भी मंगाया गया ताकि बारिश होने पर अंदर आए पानी को पंप द्वारा टैंकर की मदद से बाहर निकाला जा सके।
नेहरू अस्पताल में पानी भरने की जांच करेगा इंजीनियरिंग विभाग
पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक व प्रवक्ता प्रो विपिन कौशल ने बताया कि स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम में गड़बड़ी के कारण नेहरू अस्पताल और उसके आसपास के निचले इलाकों में पानी वापस आ गया। बचाव के लिए अस्पताल प्रशासन, स्वच्छता और इंजीनियरिंग टीमों ने पानी को हटाने और नुकसान को कम करने के लिए तुरंत कार्रवाई की। रोगी देखभाल सेवा अप्रभावित रहीं। हालांकि रेडियोथेरेपी और रेडियोडायग्नोसिस विभागों में कुछ उच्च तकनीक वाले उपकरणों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है। बारिश के पानी के जमाव और पानी के बहाव के कारणों की जांच इंजीनियरिंग विभाग द्वारा की जाएगी।
आज भी बारिश की संभावना
बुधवार को दिन के समय में गर्मी रही लेकिन दोपहर ढाई बजे के बाद अचानक मौसम ने करवट ले लिया। दोपहर के समय शहर का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। इस सीजन में अब तक कुल 743.6 एमएम बारिश हो चुकी है। हालांकि अभी भी सामान्य से करीब 10-12 फीसदी कम है। अब वीरवार को भी शहर के कुछ इलाकों में बादल छाने के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम केंद्र के अनुसार, अगले कुछ दिन तक रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। इससे तापमान में भी कमी आएगी।