ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह दलाल की शनिवार को हार्ट अटैक के बाद मौत हो गई। उनके परिजनों ने बताया कि लगातार धूप में काम करने से उन्हें डिहाइड्रेशन की दिक्कत हो रही थी। गर्मी के कारण ही उन्हें यह हार्ट अटैक आया होगा।
घटना के वक्त सुरेंद्र की ड्यूटी ताज होटल के सामने थी। वे नो पार्किंग वाहनों को उठाने वाली रिकवरी वैन के चालक थे। दोपहर के वक्त गाड़ी का टायर पंचर हो गया था और वे खुद टायर बदलने लगे।
अचानक उनके सीने में दर्द हुआ। उन्होंने अपने साथी जयवीर को इसकी जानकारी दी। पीसीआर कर्मचारियों ने उन्हें तुरंत सेक्टर-16 के अस्पताल में भर्ती करवाया जहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव का पोस्टमार्टम रविवार को होगा।
1991 में हुए थे पुलिस में भर्ती :
सुरेंद्र सिंह सेक्टर-26 पुलिस लाइन की कालोनी में अपने परिवार के साथ रहते थे। वे मूल रूप से जिला झज्जर के गांव छारा का निवासी थे। उनका दिल से संबंधित बीमारी का पीजीआई में इलाज चल रहा था। सुरेंद्र ने साल 1991 में चंडीगढ़ पुलिस में कांस्टेबल के पद से नौकरी शुरू की थी।
इस हादसे के बाद सुरेंद्र सिंह की पत्नी शकुंतला और उनके दो बेटे गहरे सदमे में हैं। उनका बड़ा बेटा सुमित बीए प्रथम और दूसरा बेटा विजय बारहवीं में पढ़ता है।
12 घंटे रहती है ड्यूटी :
ट्रैफिक पुलिस के कर्मचारियों की ड्यूटी अकसर 12 घंटे की रहती है। गर्मी के दिनों में इतनी लंबी ड्यूटी के दौरान विभाग की ओर से पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
पुलिसकर्मियों का कहना है कि गर्मी में ड्यूटी का समय 6 से 8 घंटे होना चाहिए। दोपहर के नाके पर पाबंदी लगनी चाहिए। गौरतलब है कि शनिवार को शहर में दोपहर में ओवर स्पीड के नाके लगाए गए थे।