जूनियर कोच के यौन शोषण मामले में फंसे हरियाणा के मंत्री संदीप सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर बुधवार को एसआईटी ने अपना जवाब दाखिल कर दिया। पुलिस ने कहा कि कानूनी रूप से आरोपी की जमानत का कोई आधार नहीं बनता इसलिए अर्जी को खारिज कर दिया जाना चाहिए।
वहीं मामले की सुनवाई के दौरान महिला कोच के वकील ने कहा कि आरोपी की ओर से दायर की गई अग्रिम जमानत याचिका की कॉपी शिकायतकर्ता को उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जिसे लेकर उनकी ओर से अदालत के समक्ष एक आवेदन दायर किया गया था। जिस पर अदालत ने शिकायतकर्ता को जमानत याचिका की प्रति देने का आदेश दिया है। मामले में संदीप सिंह की ओर से दायर अर्जी पर अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी। वहीं मामले में पुलिस की ओर से दाखिल की चार्जशीट के बाद अदालत की ओर से 16 सितंबर को केस में होने वाली सुनवाई के दौरान आरोपी संदीप सिंह को भी हाजिर रहने के लिए कहा गया है।
गौरतलब है कि चंडीगढ़ पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने सीजेएम की कोर्ट में चालान पेश किया है। चंडीगढ़ पुलिस ने संदीप सिंह को आईपीसी की धारा 342, 354, 354ए, 354बी, 506 और 509 के तहत केस में आरोपी बनाया है। पुलिस ने आठ महीने के बाद 25 अगस्त को दर्ज केस में चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में कोर्ट की ओर से मंत्री संदीप सिंह को नोटिस भी भेजा गया था। इससे पहले, 26 दिसंबर 2022 को कोच ने संदीप सिंह के खिलाफ यौन-उत्पीड़न सहित अन्य आरोप के तहत चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दी थी। 31 दिसंबर सेक्टर-26 थाने में संदीप सिंह के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया था।