उच्चा दर बाबे नानक दा ट्रस्ट में लोगों की आस्था को ढाल बनाकर निवेश करवाने और इसके बाद चपत लगाने का आरोप लगाते हुए पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। इस पर हाईकोर्ट ने स्पोक्समैन ट्रस्ट के निदेशक जोगिंदर सिंह व उनकी पत्नी जगजीत कौर, पंजाब सरकार, ईडी व डीजीपी सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए जालंधर निवासी सतनाम सिंह व अन्य ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब में लोगों की आस्था को ढाल बनाते हुए उनका पैसा उच्चा दर बाबे नानक दा ट्रस्ट के चिट फंड में निवेश करवाया गया। लोगों को बताया गया कि उनके निवेश से उन्हें अच्छा फायदा तो मिलेगा ही साथ ही उनके धन का प्रयोग गुरुनानक देव की शिक्षाओं के प्रचार के लिए किया जाएगा।
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इसके बाद उन्हें अवैध बॉन्ड जारी कर दिए गए जो बाद में कैश नहीं हुए। इसके बाद निवेशकों को वादा किया गया कि उनको 12 से 15 प्रतिशत का रिटर्न मिलेगा और 5 साल में उनका पैसा दोगुना हो जाएगा। लोगों को पैसा निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिवादियों ने अपने ही अखबार में विज्ञापन निकाला और यहां पर भी धर्म का सहारा लिया गया। विज्ञापन नाले पुन नाले फुलियां शीर्षक के साथ था जो लोगों को धर्म के नाम पर प्रोत्साहित करने वाला था।
याचिकाकर्ताओं ने भी इसमें निवेश किया और जब उन्हें पैसा वापस नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस मुख्यालय में संपर्क किया। वहां पता चला कि जोगिंदर सिंह व उनकी पत्नी के खाते में बहुत अधिक पैसा जमा किया गया है।
इस बारे में डीएसपी ने आयकर विभाग के आयुक्त को शिकायत देकर जांच की अपील की है। अब याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट की शरण ली है। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस मामले में उच्च अधिकारियों से जांच करवाई जाए। हाईकोर्ट ने याचिका पर सभी प्रतिवादियों को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।