दो साल पहले रोहतक अनाज मंडी में हुए सद्भावना सम्मेलन में कथित तौर पर भड़काऊ भाषण देने के मामले में एक बार फिर बाबा रामदेव के खिलाफ जिला अदालत में सुनवाई टल गई। रामदेव के वकील ने तीसरी बार एडीजे जसबीर सिंह की अदालत में अर्जी दी कि वे कोर्ट में पेश नहीं हो सकते। अदालत ने 21 दिसंबर की तारीख तय की है। याचिकाकर्ता पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा के वकील एडवोकेट ओपी चुघ का कहना है कि कानून के तहत वकील तीन बार पेशी से छूट ले सकता है। ऐसे में अगली पेशी पर दूसरे पक्ष को जरूरी पेश होना होगा।
मामले के अनुसार फरवरी 2016 में हुए जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान रोहतक में बड़े पैमाने पर आगजनी हुई थी। इसके चलते नई अनाज मंडी में सद्भावना सम्मेलन आयोजित किया गया। कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा ने पुलिस को शिकायत दी कि बाबा रामदेव के भड़काऊ भाषण से समाज का भाईचारा बिगड़ सकता है। ऐसे में बाबा के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने का केस दर्ज कर कार्रवाई की जाए। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो बत्रा ने जिला अदालत में याचिका दायर की। तभी से मामले की सुनवाई चल रही है।