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यूटी इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम को लेकर आज हाईकोर्ट में सुनवाई, कर्मचारियों ने परिदा को लिखा पत्र

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चंडीगढ़। यूटी इंप्लाइज हाउसिंग स्कीम 12 साल भी सिरे नहीं चढ़ सकी है। प्रशासन की तरफ से 17 नवंबर को बताये गए दोनों दाम को खारिज करने के बाद वीरवार को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई होनी है। इस बीच कर्मचारियों ने प्रशासक के सलाहकार और सीएचबी के चेयरमैन मनोज परिदा को एक पत्र लिखा है।
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परिदा को पत्र लिखकर कर्मचारियों ने कहा कि फ्लैट्स की अधिक कीमत का बोझ उन पर न थोपा जाए। यह पत्र यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी के डॉ. बीपी यादव, डॉ. धर्मेंद्र और बलविंदर सिंह द्वारा लिखा गया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि 17 नवंबर को हुई बैठक में जो दाम सीएचबी द्वारा बताए गए थे, उन्हें कर्मचारियों ने खारिज कर दिया है, क्योंकि वह ब्रॉशर दाम से कई गुना ज्यादा हैं। इस योजना को सिरे चढ़ाने में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड और प्रशासन के कुछ अधिकरियों की गलती है। कर्मचारियों ने तो अर्नेस्ट मनी भी तय तारीख से पहले ही जमा करा दी थी इसलिए अब अधिक कीमत का बोझ कर्मचारियों पर न डाला जाए। एसोसिएशन के सदस्यों ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण में गलती जब बोर्ड के अधिकारियों की है तो उनकी जिम्मेदारी तय की जाए।
सीएचबी ने 17 नवंबर को कर्मचारियों को बताएं हैं यह दाम
सीएचबी का पहला प्रस्ताव प्लॉट आधारित है, जिसके तहत ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत 46 लाख, एक बेडरूम फ्लैट की कीमत 68 लाख, दो बेडरूम फ्लैट की कीमत 1 करोड़ 17 लाख और तीन बेडरूम फ्लैट की कीमत एक करोड़ 51 लाख रुपये तय की गई है। दूसरा प्रस्ताव चंक आधारित है, जिसके तहत ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत 54 लाख, एक बेडरूम फ्लैट की कीमत 75 लाख, दो बेडरूम फ्लैट की कीमत एक करोड़ 31 लाख और तीन बेडरूम फ्लैट की कीमत एक और 69 लाख तय की गई है। सीएचबी ने यूटी इंप्लाइज हाउसिंग वेलफेयर सोसाइटी को इन दोनों प्रस्तावों में से एक पर सहमति जताने का आग्रह किया था लेकिन कर्मचारियों ने दोनों दाम को खारिज कर दिया।
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साढ़े 13 लाख से 99 लाख हो गई है एक बेडरूम फ्लैट की कीमत
हाउसिंग बोर्ड के वर्ष 2008 के ब्रॉशर में ईडब्ल्यूएस फ्लैट की कीमत 5.76 लाख रुपये थी, जो वर्ष 2019 में 58 लाख हो गई। एक बेडरूम फ्लैट की कीमत 13 लाख 53 हजार (भूमि तल) और ऊपर के फ्लोर की 10 लाख 96 हजार थी, जो वर्ष 2019 में 99 लाख रुपये हो गई। दो बेडरूम फ्लैट की कीमत 24 लाख 30 हजार (भूमि तल) और ऊपर के तल की 17 लाख 36 हजार रुपये थी वह 1 करोड़ 35 लाख रुपये हो गई। तीन बेडरूम फ्लैट की कीमत जो पहले 34 लाख 70 हजार (भूमि तल) और ऊपर के फ्लोर के लिए 24 लाख 80 हजार रुपये थी वह एक करोड़ 76 लाख रुपये तक पहुंच गया। सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम के तहत सीएचबी ने वर्ष 2008 में सभी श्रेणियों के पात्र यूटी कर्मचारियों की आवास देने की योजना बनाई थी। स्कीम के लिए 4 अक्टूबर 2010 को ड्रा हुआ था, जिसमें 7811 आवेदकों में से 3930 आवेदकों आवास लेने का पात्र पाया गया था। बोर्ड ने कर्मचारियों से 25 फीसदी पैसा जमा भी करा लिया, जोकि कुल करीब 57 करोड़ रुपये है।
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