शुरुआती पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले में गिरफ्तार नौवें आरोपी तेजिंदर बिश्नोई को सोमवार को अदालत में पेश किया। आरोपी ने कोर्ट रूम में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उसने पहले गिरफ्तार आरोपियों को लाखों रुपये एचसीएस का पेपर खरीदने के लिए नहीं, बल्कि रिश्तेदार होने के नाते दिए थे। पुलिस ने आरोपी से पेपरलीक मामले के अन्य आरोपियों की तलाश और तह तक जांच के लिए अदालत से उसका दो दिन का रिमांड हासिल किया है।
वहीं, पुलिस तीनों आरोपियों से पूछताछ में जुटी है। इससे पहले पांच जनवरी को एसआईटी ने आरोपी सुनीता और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार आरोपी डॉ. बलविंदर शर्मा के खिलाफ करीब 2149 पेजों की चार्जशीट दायर की थी। जांच टीम ने मामले में करीब 39 गवाह बनाए हैं। इस संबंध में सेक्टर-3 थाने में आरोपियों के खिलाफ साजिशन भ्रष्टाचार अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज है।
आरोपी बिना कोचिंग के बना सेकेंड टॉपर
पुलिस जांच में पता लगा कि तेजिंदर बिश्नोई ने बीते कई साल पहले लॉ की पढ़ाई पूरी की थी, लेकिन इसके बाद खेतीबाड़ी करने लगा था। उसने एचसीएस का पेपर देने से पहले तैयारी के लिए कहीं कोचिंग तक नहीं ली थी। बावजूद इसके वह एचसीएस के नतीजों में सेकेंड टॉपर रहा। अब एसआईटी उससे यह पता लगाने में जुटी है कि उसने जिन तीन लोगों को आगे पेपर बेचा, वे कौन-कौन हैं और उन्हें कितने लाख रुपये में पेपर बेचा गया था।
पेपरलीक का खुलासा होने पर एसआईटी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार बलविंदर शर्मा सहित आरोपी सुशीला, सुनील चोपड़ा, सुनीता व उसके भाई कुलदीप और आयुषी को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ के बाद उक्त तीनों आरोपियों की पहचान और उनकी भूमिका का खुलासा हुआ था। आरोपियों के लंबे समय तक फरार रहने के चलते पुलिस ने उन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम रखा था।
यह था मामला
पिंजौर निवासी सुमन ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एचसीएस जूडिशियल पेपर के डेढ़ करोड़ में बिकने और उसे भी पेशकश की बात कही थी। सुमन ने उसकी कोचिंग क्लास की साथी सुशीला से लेक्चर की ऑडियो क्लिप मंगाई थी, लेकिन उसने गलती से उसे सुनीता से बातचीत की ऑडियो क्लिप भेज दी थी। इसमें रिकॉर्डिंग में पेपर में आने वाले प्रश्नों से संबंधित बातचीत रिकॉर्ड थी। सुमन की याचिका पर हाईकोर्ट ने अपने स्तर पर जांच की। हाईकोर्ट के ही रिक्रूटमेंट रजिस्ट्रार बलविंदर शर्मा के मोबाइल फोन से सुनीता के फोन पर सैकड़ों बार बात हुई थी और सुनीता ही परीक्षा में टॉपर थी। आरोपी सुशीला रिजर्व कैटेगरी की टॉपर बनी थी।