फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डायरिया के लक्षण मिलें तो पिलाएं ओआरएस घोल

Tue, 19 Aug 2014 03:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
डायरिया पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मौत का सबसे बड़ा कारण है। बीते हफ्ते में पूरे देश में 469 केस सामने आए थे। ऐसी स्थिति में डायरिया, इससे बचाव और इलाज के बारे में जागरूकता बहुत जरूरी है। डायरिया से होने वाले निर्जलीकरण और खनिज पदार्थों की कमी मृत्यु का प्रमुख कारण होते हैं। डायरिया से पीड़ित नवजात के स्वस्थ होने के लिए पोषक आहार की जरूरत पड़ती है। इससे बचाव और इलाज के लिए उचित साफ-सफाई रखना जरूरी है।
विज्ञापन


क्या है डायरिया
यदि दिन में तीन से अधिक बार पानी के साथ लूज मोशन हो रहा है तो यह डायरिया का मुख्य लक्षण है। डायरिया में शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे शरीर में संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ जाता है। समय पर और सही इलाज नहीं होने पर जान भी जा सकती है। आम तौर पर डायरिया 3 से 7 दिनों तक परेशान करता है।

इसलिए होता है डायरिया
बरसात में वायरल डायरिया से लोग अधिक ग्रसित होते हैं। इसकी मुख्य वजह दूषित पानी और खाना-पीना है। रोटा वायरस और नोरो वायरस इंफेक्शन फैलाते हैं, जिससे पांच साल के छोटे बच्चों से लेकर वयस्कों में भी डायरिया होने की आशंका रहती है। एडेनोवायरस हर उम्र के लोगों में डायरिया फैलाता है। बैक्टीरियल इंफेक्शन से भी डायरिया होता है। एंटीबायोटिक गोलियां खाने से भी कभी-कभी डायरिया हो जाता है। इसलिए बिना डॉक्टरी सलाह के एंटीबायोटिक न खाएं।
विज्ञापन


डायरिया के लक्षण
विशेषज्ञों के मुताबिक डायरिया में सबसे बड़ी समस्या होती है यूरिन की कमी। यह घातक भी हो सकता है। इसके अलावा पानी के साथ लूज मोशन, पेट दर्द व ऐंठन, तेज बुखार और शरीर में पानी की अचानक कमी डायरिया के प्रमुख लक्षण हैं। पानी की कमी से मुंह सूखने लगता है, उम्रदराज लोगों की त्वचा में सिकुड़न, अधिक नींद आना, कुछ खाने या पीने की इच्छा न करना, छोटे बच्चों की आंखें धंसना और यूरीन में परेशानी आती है।

डायरिया होने पर ये बरते सावधानी
1.डायरिया के लक्षण दिखने पर तुरंत प्राथमिक चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्र के पास ले जाएं
2.बच्चे को ओआरएस घोल पिलाते रहे। दाल का पानी भी पिला सकते हैं।
3.नमक और चीनी का घोल बनाकर दे सकते हैं।
4.डायरिया में दूध बिल्कुल न पीएं।
5. खाने में वसा युक्त भोजन बिल्कुल शामिल न करे।
कोट
डायरिया के लक्षण आते ही ओआरएस का घोल दें। यह प्राथमिक केंद्रों में आसानी से मिल जाता है। खिचड़ी, दही, दाल का पानी, दलिया देते रहें। पीजीआई की ओर से सेक्टर 25 में अवेयरनेस अभियान चलाया जा रहा है।
विज्ञापन

- डा. प्रीतम राय, स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ पीजीआई
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें