पांच गांवों पर कामर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स का बोझ पड़ सकता है। नगर निगम कजहेड़ी, हल्लोमाजरा, डड्डूमाजरा, पल्सौरा और मलोया गांवों में टैक्स लगाने की तैयारी में है। इस संबंध में बीते बुधवार को प्रशासक के सलाहकार ने नगर निगम अफसरों की बैठक बुलाई थी। जल्द ही प्रशासन की ओर से निगम को आदेश जारी हो सकते हैं।
ये पांच गांव 2006 के बाद नगर निगम के दायरे में शामिल हुए हैं। यहां 2862 कॉमर्शियल साइट्स हैं जहां टैक्स लगाने की योजना है। इन पांच गांवों के अलावा नगर निगम के दायरे में आने वाले बाकी सभी गांवों में प्रॉपर्टी टैक्स लिया जा रहा है।
हाउस ने रद्द किया था प्रस्ताव
नगर निगम हाउस ने पिछले साल इस प्रस्ताव को रद्द कर दिया था। ये प्रस्ताव निगम की हाउस टैक्स असेसमेंट कमेटी की ओर से लाया गया था। पार्षदों के विरोध के बाद फैसले को लागू नहीं किया गया।
कोट्स
जो गांव 2006 के बाद नगर निगम में आए हैं, उन पर कामर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स लागू किया जाएगा। अभी एडवाइजर से इस बारे में मीटिंग हुई है। अंतिम फैसला जल्दी ही लिया जाएगा।
वीपी सिंह, कमिश्नर, नगर निगम
ये फैसला लागू नहीं होने दिया जाएगा। पहले भी हाउस ने इसका विरोध किया था और अब फिर से इसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। इन गांवों में सुविधाएं न के बराबर हैं तो फिर टैक्स क्यों लिया जा रहा है।
मलकीत सिंह, अकाली पार्षद
हम पहले भी हर तरह के टैक्स का विरोध करते रहे हैं, इस बार भी विरोध किया जाएगा। पहले कांग्रेसी पार्षदों ने हाउस टैक्स लगवाया था। यदि अब गांवों में कामर्शियल टैक्स लगा तो कांग्रेस का जनाधार पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
सौरभ जोशी, भाजपा पार्षद