सेहत मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा बच्चे को दवा पिलाते हुए
सेहत मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने दावा किया कि राज्य में नशों की सप्लाई लाइन तोड़ दी गई है और अब नशों की डिमांड लाइन खत्म की जाएगी। सरकार नशों की लत का शिकार हुए नौजवानों को नशामुक्त करके हुनर विकास के जरिये उनके पुनर्वास के लिए सरकारी व गैर सरकारी क्षेत्रों में नौकरियों के मौके भी मुहैया कराएगी।
कैबिनेट मंत्री सोमवार को सेहत विभाग की ओर से मिशन तंदरुस्त पंजाब के तहत स्थानीय सरकारी माता कौशल्या अस्पताल में मनाए जा रहे तेज दस्त रोकथाम पखवाडे़ की शुरुआत के मौके पर आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने इस मौके पर लोगों से आह्वान किया कि वह नशों के शिकार लोगों को नफरत से देखने के बजाय नशामुक्ति केंद्रों में दाखिल कराएं। सेहत मंत्री ने माना कि पिछले दिनों जीरा व नवांशहर में हुई दो-दो मौतें नशों के कारण हुई हैं, जबकि बाकी मौतें हेरोइन या स्मैक की कमी से हुई हो सकती हैं, लेकिन इनको बिना जांच नशों के साथ नहीं जोड़ा जा सकता है।
सेहत मंत्री ने बताया कि सरकार पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल का पुराना रुतबा बहाल कराएगी और माता कौशल्या अस्पताल में और सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि दस्त रोकथाम पखवाड़े के तहत बच्चों की मौतें रोकने के लिए घर-घर ओआरएस के पैकेट और जिंक की गोलियां पहुंचाई जाएंगी।
सेहत मंत्री ने इस मौके पर ओआरएस के पैकेट बांटे और अस्पताल में ओआरएस व जिंक कार्नर की शुरुआत कराई। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. हरीश मल्होत्रा, आईएमए के प्रदेश प्रधान डॉ. जतिंदर कांसल और माता कौशल्या अस्पताल की एमएस डॉ. रेणु अग्रवाल मौजूद रहे।